पानी-पानी हुआ स्कूल!

167
0
SHARE

दिलीप कुमार

कैमूर – जिले में कल रात से ही हो रही बारिश ने प्रशासन के सिस्टम का पोल खोल कर रख दिया है। प्रशासन ने बारिश से निपटने के लिए कमर कसे हुए था। नगर से लेकर गांव की गलियों तक मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत हुई गलियों का निर्माण तथा साफ सफाई का चाक चौबंद व्यवस्था करने की बातें किया था। लेकिन सिर्फ 2 दिनों के हुई इस बारिश ने पूरे सिस्टम का पोल खोल दिया। जब अधिकारियों के आवास का ही पानी नहीं निकल पाया तो आम जनों के जल निकासी प्रशासन कैसे कराएगा। जिसका खामियाजा आम आदमी के साथ साथ विद्यालय के ऊपर भी पड़ रहा है। प्रधानाध्यापक भी सिस्टम के हाथों लाचार हैं। कहते हैं हर साल यही हालात रहता है। सूचनाएं प्रशासन को दी तो जाती है लेकिन होता कुछ नहीं। पिछले तीन-चार सालों से मैं देखता आ रहा हूं।

बता दें कि पिछले 36 घंटे में बारिश से हुई क्षति की बात करें तो दुर्गावती प्रखंड के गोरार गांव में मिट्टी का दीवार गिरने से एक महिला दब गई। परिजनों ने उसे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। जहां मौत हो गई। वहीं मोहनिया प्रखंड में अनुमंडल पदाधिकारी का आवास, प्रखंड पदाधिकारी का आवास सहित प्रखंड परिसर में स्थित दर्जनों कर्मियों का आवास पानी में डूब गया। निकल नहीं पाया पानी। विद्यालय में आज मैट्रिक की बच्चियों का टेस्ट परीक्षा हो रहा था, लेकिन विद्यालय परिसर और क्लास में पानी घुस जाने के कारण प्रधानाध्यापक ने विद्यालय के बच्चों की छुट्टी हालात सामान्य होने तक कर दी। वही कुदरा प्रखंड में दुर्गावती नदी से पश्चिम कदई, रमडीहरा, रामपुर के सिवान में धान के लगे 300 से ज्यादा एकड़ खेतों में एक से दो फुट ऊपर पानी है। कदई के दलित बस्ती में गलियों और घरों तक पानी पहुंच गया है।

विद्यालय के बच्चियों और प्रधानाध्यापक ने बताया कि मैट्रिक के टेस्ट परीक्षा आज विज्ञान का था लेकिन लगातार दो दिनों से हो रही बारिश के कारण विद्यालय परिसर में तालाब सा नजारा बन गया है। चारों तरफ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। बच्चों के बैठने के लिए जगह नहीं बचा, जिस कारण आज का परीक्षा रद्द कर दिया गया है। तब तक बच्चों को विद्यालय नहीं आने के लिए कहा गया है जब तक कि बारिश बंद नहीं हो जाता।