2 घंटे में लगे डेढ़ लाख से ज्यादा पेड़!

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दिलीप कुमार

कैमूर – आज से कुछ साल पहले तत्कालीन जिलाधिकारी अरविंद कुमार सिंह ने क्लीन भभुआ ग्रीन भभुआ का नारा देते हुए भभुआ के एक-एक घरों को हरे रंग में रंगवा कर गुलाबी सिटी के तर्ज पर भभुआ को भी ग्रीन सिटी में नाम अंकित कराया था। आज 1 अगस्त 2018 को कैमूर जिला अधिकारी डॉक्टर नवल किशोर चौधरी ने पर्यावरण में संतुलन बनाए रखने के लिए 10:00 बजे सुबह से 12:00 बजे तक महज 2 घंटे में ही उनके एक आह्वान पर जिले के तमाम पदाधिकारियों के साथ स्कूली बच्चों और ग्रामीणों ने डेढ़ लाख से अधिक पेड़ों को लगाकर नया इतिहास रच डाला।

जिलाधिकारी डॉक्टर नवल किशोर चौधरी ने राजेंद्र सरोवर भभुआ, अनुमंडल कार्यालय मोहनिया, और शारदा ब्रजराज हाई स्कूल मोहनिया सहित कई जगहों पर पेड़ लगाया। उनके साथ कैमूर एसपी, डीडीसी, डीपीआरओ, जिला जज, और दोनों अनुमंडलों के SDM मौजूद थे। पेड़ लगाने के साथ जिलाधिकारी ने शारदा ब्रजराज हाई स्कूल मोहनिया में माइक पकड़कर आम बच्चों और ग्रामीणों से अपील किया। आज तो हम लोगों ने एक पेड़ लगा ही डाला, लेकिन यह सिलसिला रुके नहीं। हर साल अपने नाम का एक पेड़ अवश्य लगाएं। जहां बच्चों और ग्रामीणों का उनको भरपूर समर्थन मिला। लोगों में इसके प्रति उत्साह देखा गया।

जिलाधिकारी डॉक्टर नवल किशोर चौधरी ने बताया कि मौसम में हो रहे तापमान की वृद्धि, मानसून का लेट आना यह सब देखते हुए हमने सोचा सभी के सहयोग से डेढ़ लाख पौधे जिले में लगाया जाए। अगर लोगों का साथ मिल जाए तो उससे भी ज्यादा पेड़ लग सकते हैं। जिससे पर्यावरण में संतुलन बना रहे। मुझे उम्मीद नहीं था लोगों का इतना ज्यादा सहयोग मिलेगा, और सभी लोग इस पवित्र कार्य को करेंगे, मुझे पूरा उम्मीद है इस 2 घंटे में जो मेरा टारगेट डेढ़ लाख पौधे लगाने का था वह दो लाख से भी ज्यादा पौधों को लगाया जा चुका है। आम जनों से अपील है कि हर अपने लिए एक पौधा जरूर लगाएं।

वहीं जिला जज शैलेंद्र कुमार ने बताया पौधा लगाना बहुत जरूरी है। जिससे आम जनों को शुद्ध वायु मिल सके। प्रदूषण दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। इसको देखते हुए सभी को पौधे लगाना चाहिए और पौधा कोई ना काटे इसका भी ध्यान आम जनों को रखना होगा।

कैमूर एसपी मोहम्मद फारेगुद्दीन ने बताया कि पुलिस लाइन और जिले के तमाम थानों में जितने भी लोग हैं सभी लोग अपने नाम का एक पौधा लगा रहे हैं। सभी का एक ही संकल्प है लगे हुए पौधे बर्बाद ना हो इसका भी समय-समय पर मॉनिटरिंग हमारे पुलिस के जवान भी करते रहेंगे।

वहीं महिला शिक्षिका रीना सिंह ने बताया कि पेड़ बच्चों से विद्यालय प्रांगण में शिक्षकों के सहयोग से लगवाया जा रहा है और बच्चों को समझाया भी जा रहा है कि पेड़ होने से हम लोगों को क्या-क्या फायदे होंगे। वहीं ग्रामीण महिला शारदा देवी ने बताया कि मैं घर से बाहर जा कर पौधे लगाने में असमर्थ हूं इसलिए मैं अपने घर में ही जिलाधिकारी के आह्वान करने के बाद तुलसी का पौधा लगा रही हूं। हर साल एक पौधा जरूर लगाऊंगी जिससे मौसम और पर्यावरण सही रहे।