कांति सिंह और रघुनाथ झा ने लालू यादव के परिजनों को जमीन देने की बात की स्वीकार

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पटना/ संवाददाता – आरजेडी ने शुक्रवार को स्वीकार किया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुनाथ झा और कांति सिंह ने अपनी संपत्ति पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद के परिवार को दी थी। वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने गुरुवार को लालू यादव पर कांति सिंह और रघुनाथ झा से संपत्ति खरीदने का इलजाम लगाया।

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कांती सिंह ने यह स्वीकार किया कि वह और उनके परिवार ने पटना जिले के दानापुर में 2006 में लालू की पत्नी और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 30 कट्ठा जमीन दी थी, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि 2010 में राबड़ी के नाम ट्रांसफर कर दिया था। मोदी ने यह भी आरोप लगाया गया है कि कांति और उनके परिवार ने 99 साल के लिए जमीन राबड़ी को 1250 रुपये के मानसिक किराये पर दे दिया था। कांति ने यह भी स्वीकार किया कि 2005 के विधानसभा चुनाव हारने के बाद लालू के परिवार को मुख्यमंत्री के आवास खाली करना पड़ा था।

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लालू के पास लगभग 100 गायें थी और उन्हे दूसरे स्थान पर ले जाना पड़ा। इसलिए मुझे 2009 में दानापुर की जमीन किराये पर देनी पड़ी। बाद में 1 करोड़ रुपये में राबड़ी को बेच दिया क्योंकि मेरे परिवार को पैसे की जरूरत थी। मोदी ने कांति के दावों का मुकाबला किया और कहा कि राबड़ी के नाम पर उसने जिस जमीन को बेचा था वह किराये की जमीन से अलग है। मोदी ने यह इल्जाम लगाया है कि मैं 62 डीसमिल जमीन की नहीं बल्कि 95 डिसमिल जमीन की बात कर रहा हूं।

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कांति ने यह जमीन का टूकड़ा लालू के दोनों बेटे तेजस्वी यादव और तेज प्रताप को 2010 में 60.36 लाख रुपये में बेचा था। रघुनाथ झा के बेटे अजीत कुमार झा ने भी स्वीकार किया कि उनके पिता ने 2005 में तेजेस्वी और तेज प्रताप यादव को गोपालगंज में जमीन उपहार में दी थी, लेकिन यह व्यक्तिगत है और मोदी का इसमें पड़ने की जरूरत नहीं है। अजीत ने कहा, “ज़मीन मेरा है, हमने किसी को गिफ्ट किया तो इससे किसी को क्या मतलब है। अजीत ने यह भी कहा कि यह सत्य नहीं है कि लालू के कारण यूपीए-1 में पहली बार उनके पिता मंत्री बने। “मेरे पिता 1980-83 में सार्वजनिक स्वास्थ्य और इंजीनियरिंग विभाग में मंत्री थे और 1990-95 में स्वास्थ्य, उपभोक्ता मामलों सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों के राज्य मंत्री थे।

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इसके अलावा, वे 1972 से 1998 के विधायक थे और 1999 और 2009 में सांसद बने थे। जमीन को भेंट करने से पहले देश में उनका कामयाब राजनीतिक कैरियर रहा था। अजित ने कहा की इल्जाम बेबुनियाद है। आरजेडी के वरिष्ठ नेता जगदानंद सिंह ने संवाददाताओं से कहा, लालू हमारे नेता हैं। वे सामाजिक न्याय के लिए लड़ते हैं। इसलिए लिये विपक्ष के नेता उनपर गलत इल्जाम लगाते हैं।