केंद्र द्वारा जारी गाइडलाइंस को बिहार को पूरी तरह से किया जाएगा लागू- अनुपम कुमार

124
0
SHARE

PATNA: बिहार के पटना में CM नीतीश कुमार के निर्देश पर सचिव सूचना और जन-सम्पर्क अनुपम कुमार और सचिव स्वास्थ्य लोकेश कुमार सिंह ने रविवार को कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर सरकार की ओर से किये जा रहे कार्यों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी.

सचिव सूचना और जन-संपर्क अनुपम कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण की वर्तमान स्थिति को लेकर लगातार उच्च स्तरीय समीक्षा की जा रही है. सीएम नीतीश के स्तर से रोजाना सभी विषयों की समीक्षा के दौरान आवश्यक निर्देश दिए जाते हैं. रविवार की समीक्षा बैठक में दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं. लॉकडाउन के संबंध में गृह मंत्रालय (भारत सरकार) से जो दिशा-निर्देश मिले हैं, वह पूरी तरह से लागू किए जाएंगे. वहीं बिहार में 15 जून तक ब्लॉक क्वारंटाइन सेंटर्स चलाने के बाद उसे खत्म किया जाएगा.

उन्होंने बताया कि आज लॉकडाउन पीरियड खत्म हो रहा है और गृह मंत्रालय से जो नई गाइडलाइन जारी की गयी है, बिहार में ज्यों का त्यों लागू रहेंगी. बिहार सरकार उसमें किसी प्रकार का संशोधन नहीं करेगी. पिछले कुछ समय से बिहार सरकार कुछ एडिशनल मेजर्स भी लेती थी. लेकिन इस बार यही निर्णय लिया गया है कि जो भी गाइडलाइन्स आई हैं, उसे हूबहू लागू किया जाएगा. बिहार में 15 जून तक ब्लॉक क्वारंटाइन सेंटर्स को फंक्शनल रखने का निर्णय लिया गया है. इसका कारण यह है कि अधिकांश इच्छुक लोग बिहार आ चुके हैं और बहुत कम लोग बचे हुए हैं, वह अगले भी एक से दो दिन के अंदर आ जायेंगे.

सरकार ने एक केटेगरी का शहर जो डिफाइन किया गया हैं, उन शहरों से आनेवाले प्रवासियों को दो सप्ताह के लिए ब्लॉक क्वारंटाइन सेंटर्स में रखा जाता है. वह दो सप्ताह 15 जून तक पूरा होगा. 15 जून के बाद ब्लॉक क्वारंटाइन सेंटर को समाप्त किया जाएगा. सीएम नीतीश ने निर्देश दिया है कि जो डोर टू डोर स्क्रीनिंग हो रही है, उसमे गंभीर बीमारी से ग्रसित लोगों को चिन्हित कर उनका विशेष रूप से ध्यान रखा जाए. लॉकडाउन में काफी हद तक ढील दी जा चुकी है और अब काफी एक्टिविटी बढ़ेंगी, इसलिए सरकार ने बड़े पैमाने पर जागरूकता कार्यक्रम चलाने का निर्णय लिया है. इसके लिए सभी पंचायतों में माइकिंग के माध्यम से और विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म्स/होर्डिंग्स/रेडियो/टेलीविजन के जरिये काफी इंटेंसिटी के साथ अवेयरनेस ड्राइव चलाया जाएगा ताकि इस बीमारी से बचाव के लिए जो भी उपाय हैं, उनका अनुपालन करें. इसके लिए अगले एक से दो दिनों में मॉस स्केल पर एक अवेयरनेस ड्राइव शुरू किया जाएगा.

सचिव सूचना और जन-संपर्क ने बताया कि अभी की तिथि में आपदा राहत केन्द्रों की संख्या कम हो रही है, क्योंकि परिवहन की सुविधा मिलने से ज्यादातर लोग अपने घर तक पहुँच चुके हैं. बिहार के विभिन्न शहरों में ठेला वेंडर, दिहाड़ी मजदूर, रिक्शाचालक और अन्य जरूरतमंद लोगों के भोजन, आवासन और उनके स्वास्थ्य जांच के लिए वर्तमान में 64 आपदा राहत केंद्र फंक्शनल है, जिसमें लगभग 11,500 लोग लाभान्वित हो रहे हैं. ब्लॉक क्वारंटाइन सेंटर्स की संख्या अभी 12,291 हैं. इनमे अभी तक कुल 13 लाख 71 हजार 266 लोग आवासित हुए हैं. परन्तु, इनमे से 7 लाख 94 हजार 474 लोग क्वारंटाइन की निर्धारित अवधि पूरी कर अपने घर जा चुके हैं और वे अब होम क्वारंटाइन में हैं. वर्तमान में 5 लाख 76 हजार 792 लोग ब्लॉक क्वारंटाइन सेंटर्स में आवासित हैं.

मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष से मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना के अंतर्गत अब तक 20 लाख 44 हजार 531 बाहर फंसे बिहार के लोगों के खाते में 1,000 रूपये की राशि अंतरित कर दी गयी है. अभी तक 1 करोड़ 41 लाख राशन कार्डधारियों के खाते में 1,000 रूपये की सहायता राशि भेजी जा चुकी है. ग्रामीण क्षेत्रों में जीविका के द्वारा और शहरी क्षेत्रों में एनयूएलएम के द्वारा राशन कार्ड विहीन परिवारों का सर्वे कराया गया था, जिसके आधार पर 21 लाख सुयोग्य परिवारों को भी 1,000 रूपये की सहायता राशि उपलब्ध करा दी गयी है. रोजगार सृजन पर सरकार का विशेष ध्यान है और सभी संबंधित विभाग निरंतर इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं. लॉकडाउन पीरियड में अभी तक लगभग 4 लाख 36 हजार से अधिक संचालित योजनाओं के अंतर्गत 4 करोड़ 17 लाख से ज्यादा मानव दिवसों का सृजन किया जा चुका है. प्रवासी श्रमिकों को लाने के लिए जो ट्रेनें शिड्यूल्ड की गयी थीं, उनमे से अधिकतर ट्रेनें बिहार आ चुकी हैं. अभी तक कुल 1,433 श्रमिक स्पेशल ट्रेन/सीमावर्ती इलाकों से चलाई गयी ट्रेनों के माध्यम से 19 लाख 47 हजार 127 लोग बिहार आये हैं.