उत्तर बिहार का सबसे बड़ा अस्पताल डीएमसीएच में सुविधा के नाम पर हो रही है खानापूर्ति

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दरभंगा समाचार/ संवाददाता- (Darbhanga News)

कहने को तो उत्तर बिहार का सबसे बड़ा अस्पताल डीएमसीएच है, लेकिन सुविधा के नाम पर यहां खानापूर्ति होती है । गरीब और लाचार बीमार परिवार पैसे के अभाव में यहां आकर अपना इलाज करवाते हैं, क्योंकि सरकार द्वारा दावे किए जाते हैं कि अस्पतालों की स्थिति पहले से काफी बेहतर है।

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लेकिन सच्चाई कुछ और ही है। अब तो ऊपर से मरीजों को पूरी दवा भी अस्पताल की ओर से नहीं दी जाती है। मजबूरन सभी मरीज़ के परिजन ज्यादातर दवा खुली बाज़ार से ही खरीद कर मरीज़ को देने पड़ते हैं । अगर पेसेंट की किस्मत अच्छी हो तो शायद अस्पताल से उसे एक या दो दवा मिल जाती है लेकिन अधिकांश दवा बाजार से ही खरीद कर लाना पड़ता है । डीएमसीएच के आपातकालीन विभाग से लेकर इंडोर में भर्ती कई मरीज़ और उसके परिजन से जब हमने बात की तो सच्चाई चौंकाने वाली थी । डीएमसीएच में इलाजरत मरीज के परिजन ज्यादातर दवा बाज़ार से ही खरीदने की बात कही । अस्पताल की बिस्तर पर अपने पति के किडनी की इलाज़ कराने आई सोनिया देवी अपनी मजबूरी बताते हुए कही की अस्पताल सिर्फ एक दवा ही दिया जबकि तकरीबन 10 दिनों से रोज़ 600 से 700 का रोज़ दवा बाज़ार से खरीद कर लाती हैं । जबकि उसकी यह खर्च करने की क्षमता भी नहीं है, ऐसी ही बातें कई मरीज़ के परिजनों ने की । मज़े की बात यह है कि आज डीएमसीएच के लिए खास दिन था क्योंकि सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इसी अस्पताल में मौजूद थे और व्यवस्था के नाम पर काफी खानापूर्ति भी की गई थी । उसके बावजूद मरीजों ने सच मीडिया के सामने ला ही दिया । अस्पताल में अपना इलाज करा रहे गगन ठाकुर ने भी कैमरे पर कहा कि ज्यादातर दवा बाज़ार से ही लाना पड़ता है। यहां तक कि एक कफ सिरप भी अस्पताल ने नहीं दिया, उसे भी बाजार से ही खरीद कर लाना पड़ा है । यहां तक कि यहां के डॉक्टरों ने एक्स- रे भी निज़ी नर्सिंग होम में लिख दिया है।

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज यहां आये भी हैं पर देखना है कि यहां के चरमाराई व्यवस्था के लिए क्या निर्णय लेते हैं अथवा बस खानापूर्ति कर निकल जायेंगे। यहां की व्यवस्था ठीक नहीं है ये तो हम क्या यहां के इलाजरत मरीज भी बोल रहे हैं, शायद इनकी बात मुख्यमंत्री तक पहुंच जाए !