लालू ने भागलपुर कोषागार घोटाला के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की

259
0
SHARE

पटना- भागलपुर में हुए घोटाले पर लालू यादव ने किया खुलासा और मुख्यमन्त्री नीतीश को अल्टीमेटम दिया कि उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी को कैबिनेट से कल तक बाहर करें। सीबीआई दफ्तर में भागलपुर कोषागार घोटाला के खिलाफ जाएंगे यह भी कहा।

पूर्व वित्त मंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी के साथ आज अपने आवास पर किया प्रेस वार्ता। लालू ने इस घोटाले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि मैं खुद सीबीआई कार्यालय जाऊँगा और जांच की मांग करूँगा। लालू यादव ने कई तस्वीरें भी जारी की जो श्रीजन एनजीओ के कार्यक्रम की तस्वीरें हैं। तस्वीर में सीएम नीतीश, सुशील मोदी और मनोरमा देवी को दिखाया। मनोरमा देवी के साथ बीजेपी नेताओं की तस्वीर भी जारी की। लालू ने आरोप लगाया कि भागलपुर में सरकार के संरक्षण में हुआ अरबो रुपए का घोटाला। इस घोटाले में सीएम नीतीश और सुशील मोदी, सरकार के कई अधिकारी और कई बीजेपी नेता भी शामिल हैं। कहा सृजन के पैसे से लोग बना रहे अपार्टमेंट।

लालू के बोल

पशुपालन विभाग के घोटाले को दुनिया का सबसे बड़ा घोटाला बताया गया, भागलपुर में 1000 करोड़ से अधिक का घोटाला हुआ, इसकी जांच सीबीआई से होगी तभी पूरा खुलासा होगा। सीएम नीतीश को जब इस घोटाले का पता चला तो अपने चहेते अफसरों को जांच के लिए भेजा। 2 दिन में ही जांच कर मुख्य सचिव ने प्रेस ब्रिफिंग कर दिया। सिर्फ छोटी मछलियों को पकड़ा गया। सीएम नीतीश कतला मछली और सुशील मोदी रोहु मछली हैं।

सरकारी खजाने से जब राशि निकल रही थी तब सुशील मोदी क्या कर रहे थे, क्या सुशील मोदी पैसे गिन रहे थे, इस मामले की पूरी जांच हो। 2013 में रिजर्व बैंक ने जांच के लिए सरकार को लिखा था, सरकार ने क्यों नही करवाया जांच?

जिलाधिकारी को ऊपर से आदेश दिया गया कि सरकार का पैसा श्रीजन में जमा किया जाए, ये ऊपर से आदेश किसने दिया?

सुशील मोदी को कल तक मंत्रिमंडल से निकाला जाए। विधान सभा के सत्र में राजद विधायक इस मामले को मजबूती से उठाएंगे। सीएम नीतीश ने फेस सेविंग के लिए कराया अपने चहेते अधिकारियों से जांच।

भागलपुर घोटाले मामले में बोले पूर्व वित्त मंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी – 19 अप्रैल 2017 को मैंने बैठक की थी। बैठक में वित्त विभाग के कई अधिकारी शामिल थे। बैठक में ही इस मामले का खुलासा हुआ था। सभी नन बैंकिग कंपनियों के जांच का आदेश दिया था।