लॉक डाउन ने बढ़ाई पशुपालकों की परेशानी, फ्री में दूध बांटने को हैं मजबूर

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KAIMUR: लॉक डाउन की वजह से पशुपालकों की परेशानी बढ़ गई है. लॉक डाउन होने की वजह से कोई बाहर नहीं निकल रहा है. ऐसे में दूध का कोई खरीदार नहीं मिलने के कारण सैकड़ों लीटर दूध प्रतिदिन नाली में बहाया जा रहा है या इसे फ्री में गग्रामीणों के बीच बांटा जा रहा है. मुफ्त में दूध लेने के लिए सैकड़ों लोगों का सुबह और शाम डेयरी फार्म के पास लंबा लाइन लग रहा हैं. लेकिन इस लगने वाले लंबे लाइन में भी सोशल डिस्टेंस का ख्याल रखा जा रहा है.

दरअसल, लॉक डाउन के कारण डेयरी वाले पशुपालकों से दूध नहीं खरीद रहे हैं, जिस कारण यह स्थिति हुई उत्पन्न है. दूध नहीं खरीदने से पशुपालकों को 15000 रुपये का प्रतिदिन नुकसान हो रहा है. इस संबंध में ग्रामीण बताते हैं कि सुबह और शाम दोनो टाइम फ्री में दूध मिलता है. हम लोग दूध लेने के लिए प्रतिदिन यहां पर आते हैं, 22 तारीख से अभी तक दोनों समय फ्री में दूध मिलता है.

इधर, पशुपालक बताते हैं साल 2013 से डेयरी फार्म खोले हुए हैं. मुझे बेस्ट पशुपालक का अवार्ड भी मिला है उसके बावजूद मेरा दर्द सुनने वाला कोई नहीं है. यहां पर 2 दर्जन से अधिक जर्सी गाय को रखा गया है. हम लोग का दूध पहले सुधा डेयरी में सप्लाई होता था. लेकिन जब से लॉक डाउन हुआ है डेयरी ने दूध लेना बंद कर दिया. जिससे या तो दूध को नाली में बहाना पड़ता है या फिर लोगों के बीच फ्री में देना पड़ता है. ऐसे में प्रतिदिन 15000 रुपये का नुकसान हो रहा है. दूध की बिक्री ठप होने से मवेशी के चारा सहित कई सामग्रियों की खरीदारी नहीं हो पा रही है. अगर यही हालात रहा तो पशुओं की मरने की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी. सरकार नेअगर समय रहते हम लोग पर ध्यान नहीं देगी, तो हम लोगों पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ेग.

कैमूर से दिलीप की रिपोर्ट