लॉकडाउन के दौरान रोजगार सृजन के विषय पर सीएम नीतीश ने की चर्चा, दिए जरूरी दिशानिर्देश

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PATNA: सूबे के मुखिया नीतीश कुमार ने गुरुवार को रोजगार सृजन समेत कई मुद्दों को लेकर विभिन्न विभागों के अधिकारियों कर साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये समीक्षा बैठक की. इसी बैठक की विस्तृत जानकारी देते हुए सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के सचिव अनुपम कुमार ने बताया कि कोरोना वायरस से संक्रमण के कारण उत्पन्न स्थिति पर मुख्यमंत्री लगातार समीक्षा कर आवश्यक दिशानिर्देश दे रहे हैं. उन्होंने बताया कि नीतीश कुमार ने कल ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन को लेकर किए जाने वाले कार्यों के संबंध में विभिन्न विभागों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गहन समीक्षा की.

बैठक में निर्णय लिया गया कि गाइडलाइन को फॉलो करते हुए 7 निश्चय के कार्यक्रम हर घर नल का जल, पक्की गली-नालियों तथा शौचालय का निर्माण, जल-जीवन-हरियाली तथा मनरेगा के अन्तर्गत तालाबों/पोखरों का जीर्णोद्धार के कार्य शुरू किए जा रहे हैं. सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए योजनाओं प्रारंभ करने से अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों अथवा मजदूरों को रोजगार मिल सकेगा.

उन्होंने बताया कि मनरेगा के अंतर्गत एक एकड़ से कम क्षेत्र वाले तालाबों का निर्माण का कार्य भी शुरू किया जा रहा है. मुख्यमंत्री के निर्देश पर अस्वीकृत और पेंडिंग राशन कार्ड की जांच का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है और जल्द ही लाभुकों को इसका लाभ दिया जायेगा. ग्रामीण विकास विभाग को निर्देश दिया गया है कि जीविका समूह के माध्यम से ऐसे परिवारों का सर्वे करायें, जिनके पास राशन कार्ड नहीं है और उन्हें चिन्हित भी करें. ऐसे परिवारों को जल्द से जल्द राशन कार्ड निर्गत करायें और उन्हें मिलने वाले लाभ एक हजार रुपये की राशि के भुगतान की व्यवस्था करें.

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि 15 अप्रैल से पैक्सों के माध्यम से गेहूँ की अधिप्राप्ति सुनिश्चित करायी जाय ताकि किसानों को अपनी पंचायतों में ही फसल का उचित मूल्य मिल सके. उन्होंने कहा कि राशि का निर्धारित समय सीमा के अंदर भुगतान सुनिश्चित किया जाय. पहले गेहूँ की अधिप्राप्ति प्रखण्ड में व्यापार मण्डल के माध्यम से होता था. मुख्यमंत्री ने कहा है कि जो भी निर्माण कार्य हो वहां मजदूरों को जीविका द्वारा निर्मित मास्क मुफ्त में उपलब कराया जाएगा और इसका व्यय योजना की आकस्मिकता निधि से किया जाएगा.

उन्होंने बताया कि सीएम ने निर्देश दिया है कि राज्य में मॉनसून की शुरूआत के पूर्व बाढ़ नियंत्रण के लिये कुछ जरूरी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर करना होगा. पिछले वर्ष बाढ़ के कारण कटाव निरोधक एवं बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य को प्राथमिकता में रखते हुये कार्य शुरू किये जा रहे हैं.

अनुपम कुमार ने बताया कि राज्य में अब कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 80 हो गयी है. लोगों को हर स्तर पर राहत देने के लिये कई कदम उठाये जा रहे हैं. 150 आपदा राहत केन्द्र बनाये गये हैं, जिसमें 25,378 लोग लाभान्वित हो रहे हैं. आज स्कूल (पंचायत) स्तर पर 1480 क्वारंटाइन केन्द्र कार्यरत है. जिसमें 13,742 लोग रह रहे हैं.