महागठबंधन में सीट बंटवारे का फार्मूला तय, डंके की चोट पर 17 तारीख को बताएंगे – शक्ति सिंह गोहिल

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अवध कर्ण

पटना – चुनाव आयोग के रणभेरी के साथ-साथ सभी राजनीतिक दल सीट बंटवारे को लेकर लगातार बैठक कर रही है उसी क्रम में आज कांग्रेस पार्टी में आयोजित बैठक में भाग लेने पहुंचे बिहार कांग्रेस के प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने पटना एयरपोर्ट पर मीडिया के माध्यम से बताया कि आज हमारे प्रदेश इलेक्शन कमिटी की मीटिंग है और जो हमारा परंपरा रही है उस हिसाब से कुछ चर्चा भी होंगे। हम आज कुछ प्रस्ताव भी पारित करने वाले हैं।

उन्होंने कहा पहला प्रस्ताव ये है कि देश के जो जवान शहीद हुए हैं उनको श्रधांजलि देंगे और अपने बिहार से भी जो जवान देश की सुरक्षा करते शहीद हुए है उनको श्रद्धा सुमन समर्पित करने का काम करेंगे। एक प्रस्ताव ये भी है कि 30 साल बाद बिहार के जनता ने जो आशीर्वाद दिया, मेरे कार्यकर्ताओ, नेताओं ने जो मेहनत करके एक ऐतिहासिक रैली पटना के गांधी मैदान में की जो सफल रही, इसका श्रेय किसी को जाता है तो वो बिहार के जनता को सबसे पहले और बाकी मेरे कार्यकर्ताओ व नेताओं को। उन सबका धन्यवाद करते हुए भी एक प्रस्ताव पारित करेंगे। मेम्बर्स की राय भी ली जायेगी, जो कि हमारे सेंट्रल पार्लियामेंट्री बोर्ड के सामने रखेंगे और जो परम्परा है उससे हमारे अध्यक्ष को अधिकृत करने की जो परंपरा है तो उसका भी प्रस्ताव पारित होंगे।

गोहिल ने स्पष्ट करते हुए आगे कहा कि हम एनडीए गठबंधन के जैसा नहीं हैं कि एनडीए में महीनों पहले 17-17-6 के सीटों का आंकड़ा दिया और कौन सी सीट कौन लड़ेगा ये अभी तक नही बताया गया। कांग्रेस में सब तय हो गया है और हम 17 तारीख को सब अनाउंस कर देंगे। आगे उन्होंने इसके लिए अपने सभी सहयोगी दलों को धन्यवाद देते हुए कहा कि सभी बातें हो गई है और इसके लिए मैं महागठबंधन के सभी नेताओं को धन्यवाद करता हूँ कि सबने एक अच्छे वातावरण में और तेजस्वी ने जिस प्रकार कहा कि दलों का नही दिलों का मिलन हो हमें उस तरह से चलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मांझी को बड़े ही सम्मान के साथ देखता हूँ और जो वरिष्ठ नेता हैं उपेंद्र कुशवाहा उन्होंने भी सहयोग दिया वरना वो बार्गेनिंग कर सकते थे, चूँकि वो एक मंत्री पद को छोड़ एक सिद्धांत के लिए हमारे साथ जुड़े हैं। मुकेश साहनी मल्लाह समुदाय को जिस तरह से उम्मीद थी एनडीए में और नही हुआ तो उस समुदाय के लिए बाहर निकल गए। शरद यादव ने भी अपने अनुभव से आशीर्वाद देने का काम किया महागठबंधन को और अपने रिप्रजेंटेटिव को भी भेजा तो एक अच्छा तरह से मेरे पार्टी के स्टेट के नेता मदन मोहन झा, सदानंद सिंह, अखिलेश सिंह सबने साथ दिया। 17 तारीख को सब बता दिया जायेगा। कुछ रणनीति होती है जो बहुत पहले नहीं बताई जाती वक्त आने पर बताई जाती है। तो वक्क्त आने पर आप सब को डंके की चोट पर हम बता देंगे।

इसके साथ ही मीडिया के सवालों के जवाब देते हुए गोहिल ने नरेंद्र मोदी व अमित शाह पर आरोप भी लगाया कि वो खुदगर्जी की राजनीति करते हैं। उन्होंने कहा कि बिहार और पॉलिटिक्स में थोड़ा बहुत नोक झोक चलती भी रहनी चाहिए और ये अच्छा भी है। हमने कभी भी खुदगर्जी की राजनीति मोदी और अमित शाह जैसी राजनीति नहीं की, कि जब जरूरत होती है तो महबूबा मुफ्ती को गालियाँ दो और जब पवार की जरूरत हो तो उनके साथ सरकार बना लो और फिर जब देश में चुनाव आता है और कश्मीर में साथ रहने से नुकसान होता है तो महबूबा को बिना तलाक बोले तलाक ले लेते हैं और छोड़ देते हैं। एक दिन नीतीश कुमार को कहते हो कि इनका डीएनए ही गड़बड़ है और फिर जब जरूरत होती है तो 22 सीटो से कम 17 होकर उनके पाँव पकड़ते हो, ये सब वहाँ होता है हमारे यहाँ किसी की ताकत हो या मजबूरी हो उसके साथ हमारा रवैया नही बदलता।