मधुबनी पेंटिंग वाले मास्क ने देश भर में मचाया धमाल, कोरोना से बचाव के साथ ही रोजगार का भी बन रहा साधन

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PATNA: पूरा विश्व कोरोना महामारी से जूझ रहा है. कोरोना वायरस से निपटने के लिए अब तक कोई वैक्सीन नहीं बन पाई है. ऐसे में केंद्र और राज्य की सरकारें लगातार लोगों से संक्रमण से बचाव के लिए मास्क पहनने, थोड़ी-थोड़ी देर में हाथ धोने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की गुहार लगा रही है.

इधर, मास्क के डिमांड को देखते हुए मार्केट में कई तरह के मास्क उपलब्ध हैं. लेकिन, इन सब के बीच मधुबनी पेंटिंग वाला मास्क आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. मधुबनी पेंटिंग कलाकार सादे दिखने वाले मास्क को अलग लुक दे रहे हैं, जिसे ना सिर्फ बिहार में बल्कि बिहार के बाहर जैसे कर्नाटक, गुजरात, महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों के लोग काफी पसंद कर रहे हैं और ऑर्डर कर मंगवा रहे हैं.

इस संबंध में मधुबनी के कोइलख गांव निवासी कलाकार रमेश मंडल बताते हैं कि “कोरोना महामारी के मद्देनजर लागू संपूर्ण लॉकडाउन में मैं पूरी तरह बेराजगार हो गया था, ऐसे में अचानक मुझे यह आईडिया आया और मैंने इस ओर काम शुरू कर दिया. मार्केट में मास्क डिमांड को देखते हुए मैंने दर्जी से संपर्क किया और उसे मास्क बनाने का ऑर्डर दिया.”

रमेश बताते हैं कि इन मधुबनी पेंटिंग वाले मास्क की देश भर में डिमांड है, ऐसे में मास्क बनाने से सामाजिक काम तो हो ही रहा है, साथ-साथ महामारी के वक़्त कई लोगों को इस काम की वजह से रोजगार भी मिल रहा है. मधुबनी पेंटिंग कलाकार ममता जिन्हें कई राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं वो बताती हैं कि “तीन महीने पहले हमने इस काम की शुरुआत की थी, और अब तक लगभग 100 कलाकार इस काम से जुड़ कर अपनी जीविका कमा रहे हैं.”

ममता बताती हैं कि “मुझे उम्मीद नहीं थी कि यह काम इतने बड़े पैमाने पर पहुंच जाएगा और इससे कलकारों को इतना फायदा होगा.” बता दें कि यह कोई पहली बार नहीं है जब मधुबनी पेंटिंग राष्ट्रीय स्तर पर आकर्षण का केंद्र बना है, इससे पहले भी कई हस्तियों ने मधुबनी पेंटिंग की सराहना की है और इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रमोट किया है. वहीं उद्योगपति आनंद महिंद्रा, एक्ट्रेस रवीना टंडन और नंदिता दास ने कोरोना काल में मधुबनी आर्ट वाले मास्क को प्रमोट किया है और आर्ट फॉर्म की खूब तारीफ की है.

बता दें कि राज्य यूथ, कला और संस्कृति विभाग इन दिनों मधुबनी पेटिंग के कलाकारों को एक बेहतर प्लेटफॉर्म देने की तैयारी में जुटा हुआ है. विभाग के प्रधान सचिव रवि परमार बताते हैं कि “कलाकारों की सूची तैयार की जा रही है, पहले फेज में हम लोग वैसे कलाकारों का चयन करेंगे जो राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित हैं. महीने के अंत तक ऐसे 1000 कलाकारों के चयन करने का टारगेट है. जबकि दूसरे फेज में हम नॉन-अवार्डी को मौका देंगे. ऐसा करने का मुख्य उद्देश्य यही है कि इन कलाकारों को एक अच्छा प्लेटफॉर्म मिल पाए जहां वे अपना टैलेंट दुनिया को दिखा सकें.”

बता दें कि बिहार का लोककला मधुबनी पेंटिंग एक विश्वविख्यात आर्ट फॉर्म है. पूरे विश्व में मशहूर वाले आर्ट फॉर्म में से मधुबनी पेंटिंग भी एक आर्ट है. बिहार के मिथलांचन में प्रसिद्धि इस आर्ट फॉर्म को बनाने में नेचुरल रंगों का इस्तेमाल किया जाता है. वहीं कलाकार उंगलियों, लकड़ियों, माचिस की तीलियों की कलाकृति को आकार देने में उपयोग करते हैं.