मालग्राहकों के हित में रेलवे ने उठाया बड़ा कदम, रेलमार्गों से सामानों का परिवहन हुआ और सस्ता

195
0
SHARE

HAJIPUR: पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क पदाधिकारी राजेश कुमार ने बुधवार को बताया कि भारतीय रेल की ओर से मालग्राहकों को रियायत देते हुए चयनित रेलमार्ग पर बुक किए जाने वाले सामानों के मालभाड़ा दर में रियायत देने का निर्णय लिया गया है. ये रियायतें लंबी दूरी के साथ-साथ कम दूरी के लिए बुक किए सामानों पर भी लागू होगी. लंबी दूरी के सामानों के परिवहन पर 20 प्रतिशत जबकि कम दूरी के सामानों के परिवहन पर 50 प्रतिशत तक की रियायतें मिलेंगी.

रेलवे बोर्ड की ओर से वैसे सामानों का अलग से वर्गीकरण किया गया है जिनपर ये विशेष रियायतें दी जाएंगी. मालभाड़ा में दी जाने वाली यह विशेष रियायत 01.07.2020 से 30.06.2021 के मध्य बुक किए गए सामानों के लिए मान्य होगी. लंबी दूरी के साथ-साथ कम दूरी के माल परिहवन में दी जाने वाली यह रियायत माल यातायात की सामान्य दरों के आधार पर देय होगी.

कोयला, आयरन/स्टील, कच्चा लोहा के लंबी दूरी के परिवहन में मालग्राहकों को मालभाड़ा में रियायत दी जाएगी. यह रियायत माल यातायात की सामान्य दरों के आधार पर देय होगी. कोयला का लदान अगर 1400 किलोमीटर तक के लिए है तो मालभाड़ा में रियायत नहीं मिल पाएगी परंतु 1400 किलोमीटर से अधिक दूरी के परिवहन की स्थिति में मालभाड़ा में 20 प्रतिशत की रियायत मिलेगी. इसी तरह आयरन/स्टील के परिवहन में यह रियायत 1600 किलोमीटर से अधिक के परिवहन पर मिलेगी. जबकि लौह सामग्री के 700 किलोमीटर तक के परिवहन पर रियायत नहीं होगी लेकिन अगर इसका परिवहन 701 से 1500 किलोमीटर तक की दूरी के लिए किया जाता है, तो ऐसी स्थिति में मालग्राहकों को 15 प्रतिशत और 1500 किलोमीटर से अधिक की दूरी के परिवहन पर मालभाड़ा में 20 प्रतिशत की रियायत दी जाएगी.

इसी क्रम में कम दूरी के लिए बुक करने वाले ग्राहकों को भी मालभाड़ा में रियायतें दी जाएंगी. कम दूरी के तहत 100 किलोमीटर तक के लिए बुक किए गए सामानों के मालभाड़ा पर रियायतें दी जाएंगी. 50 किलोमीटर तक के लिए बुक किए गए सामानों की बुकिंग पर 50 प्रतिशत तथा 51 से 75 किलोमीटर तक की दूरी के लिए बुक किए गए सामानों पर 25 प्रतिशत की रियायत दी जाएगी. इसी तरह 76 से 90 किलोमीटर तक के लिए अगर सामानों की बुकिंग होती है. तो मालभाड़ा में 10 प्रतिशत की रियायतें मिलेेंगी. कम दूरी के लिए यह रियायत योजना कोयला, आयरन/स्टील, लौह सामग्री, सैन्य यातायात, रेलवे से संबंधित सामग्रियों के अलावा 100 किलोमीटर तक के लिए बुक किए जाने वाले अन्य सभी सामानों की बुकिंग पर लागू होगी.

इस रियायत योजना से माल के त्वरित निष्पादन के साथ निजी क्षेत्र की भागीदारी द्वारा फ्रेट टर्मिनल का विकास होगा जिससे माल यातायात में भारतीय रेल की हिस्सेदारी भी बढ़ेगी. साथ ही वर्तमान में सड़क मार्ग से ढुलाई किए जाने वाले माल को रेल की तरफ आकर्षित करने के साथ-साथ एकीकृत, दक्ष और कम लागत में लॉजिस्टिक और माल भंडारण की सुविधा उपलब्ध हो पाएगी.

प्राईवेट फ्रेट टर्मिनल https://ircep.gov.in/PVTSDG पर ऑनलाइन प्रस्ताव प्रस्तुत कर सकेंगे. इसके लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस का प्रावधान किया गया है ताकि प्राप्त प्रस्तावों का निर्धारित समय पर निष्पादन किया जा सके. इसकी ऑनलाइन ट्रैकिंग भी की जा सकती है. प्राइवेट फ्रेट टर्मिनल के त्वरित स्थापना के लिए मंडलों को शक्तियां प्रदान की गई हैं.

मालूम हो कि पूर्व मध्य रेल में प्रतिदिन 100 रेक से अधिक रेक की लोडिंग की जाती है. पूरे भारतीय रेल में माल लदान के क्षेत्र में पूर्व मध्य रेल चौथे स्थान पर है. फलस्वरूप रेलवे की इस योजना से एक ओर जहां मालग्राहकों को प्रत्यक्ष फायदा होगा, वहीं परिवहन लागत में कमी आने से बाजार में सामानों की दरों में भी कमी आएगी, जिससे आम लोग लाभान्वित होंगे.