मार्कंडेय काटजू के बयान पर बिहारी नेताओं ने की तिखी आलोचना

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पटना: देश के जाने माने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू के पाकिस्तान के संदर्भ में बिहार को लेकर दिये गए बयान पर बिहार के राजनीतिक दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी, जेडीयू समेत कांग्रेस ने एक स्वर में काटजू के बयान की आलोचना करते हुए इसे असंवैधानिक करार दिया और कड़ी कार्रवाई की मांग की।

जदयू के महासचिव श्याम रजक ने कहा कि काटजू अनपच बुद्दिजीवी हैं। उनके बयान राज्य देश समाज की संस्कृति से परे होते हैं। बिहार, देश के संविधान का उपहास उड़ाने वाले इस बयान के बाद रिटायर्ड जस्टिस काटजू पर कार्रवाई होनी चाहिए।

बीजेपी ने काटजू के बयान को देशद्रोह माना है और उन्हें देशद्रोह की धाराओं के तहत गिरफ्तार करने की मांग की है। भाजपा प्रवक्ता विनोद नारायण झा ने कहा कि इस बात की जांच होनी चाहिए कि काटजू ऐसे बयानों को देने के साथ-साथ भारत के दुश्मनों से भी तो नहीं मिले। उन्होंने कहा कि कई बड़े पदों, जस्टिस, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया का अध्यक्ष रह चुके काटजू के इस बयान की जितनी भी आलोचना की जाए कम होगी।

वहीं कांग्रेस ने जस्टिस काटजू को मानसिक रूप से दिवालिया करार देते हुए उनके बयान की तीखी निंदा की। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता प्रेम चंद्र मिश्रा ने कहा कि बिहार को लेकर संकुचित मानसिकता वाला बयान बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बयान के करीब है जिसमें उन्होंने कहा था की बिहार में बीजेपी हारी तो पाकिस्तान में पटाखे फूटेंगे। मिश्रा ने यह भी कहा कि काटजू बिहार की जनता से माफी मांगे या फिर पाकिस्तान चले जाएं। उन्होनें मानसिक संतुलन खो दिया है।

काटजू के इस पोस्ट पर दूसरे लोगों ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। सुमन शेखर लिखते हैं कि अगर आपको अखबारों की सुर्खियां ही बनना है तो और भी तरीके हैं।

विनोद कुमार मिश्रा ने लिखा कि मेरा मानना है कि भारत को कश्मीर और बिहार के साथ काटजू को भी एक्सपोर्ट कर देना चाहिए। क्योंकि वो इतने प्रतिभावान हैं कि बिहारियों की मदद से वहां से कश्मीर समेत पूरे पाकिस्तान को भारत में इंपोर्ट करा देंगे।