शिक्षिका के व्यवहार से परेशान ग्रामीणों ने स्कूल में किया हंगामा

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पूर्वी चम्पारण – शिक्षिका के व्यवहार से परेशान ग्रामीणों ने आज स्कूल में हंगामा किया है। पुलिस के सामने ग्रामीण हंगामा और आपस में मारपीट करते रहे। ग्रामीणों के शिकायत के बाद शिक्षिका की प्रतिनियोजन अन्यंत्र कर दिया गया था। जिसे शिक्षा विभाग के आदेश से रद्द कर दिया। प्रतिनियोजन रद्द होने के बाद शिक्षिका आज स्कूल में योगदान देने पहुंची थी, जिसके बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गये और शिक्षिका के स्थानान्तरण करने की मांग को लेकर स्कूल में जमकर हंगामा किया है। मामला कल्याणपुर प्रखंड के सिसवा कन्या मध्य विद्यालय का है।

ग्रामीणों की शिकायत के बाद नियोजन इकाई ने कल्याणपुर प्रखंड के शम्भुचक पंचायत के सिसवा कन्या मध्य विद्यालय की शिक्षिका अर्चना देवी का प्रतिनियोजन अन्यंत्र विद्यालय में कर दिया…लेकिन सरकार के नये निर्देश पर प्रतिनियोजन को रद्द करने का नियोजन ईकाई ने शिक्षिका को फिर से सिसवा कन्या विद्यालय भेजा है। ग्रामीणों ने शिक्षिका पर आरोप लगाया था कि वे बच्चों के साथ क्रुरता से पेश आती है। मध्यान भोजन में कटौती के साथ-साथ मध्यान भोजन के चावल को बेचती है। साथ ही बच्चों की छोटी सी गलती पर पैर से मारती और अपनी स्कुटी की सफाई बच्चों से कराती है। ग्रामीणों की शिकायत पर नियोजन इकाई ने शिक्षिका की प्रतिनियोजन दूसरे गांव के स्कूल में कर दिया था। सरकार के आदेश पर प्रतिनियोजन समाप्त कर दिया गया और शिक्षिका को फिर से मूल विद्यालय सिसवा कन्या में योगदान करने का आदेश दिया। शिक्षिका जब स्कूल में योगदान देने पहुंची तो ग्रामीम एकजुट होकर शिक्षिका का विरोध करने लगे और वापस जाने के नारे लगाते हुए मारपीट और हंगामा किया है।

शिक्षिका के बच्चों के साथ क्रूरता की बात जनप्रतिनिधि भी करते हैं और ग्रामीणों की मांग की पुष्टि भी। इधर शिक्षिका ने अपने एक सहकर्मी शिक्षक पर ग्रामीणों के भड़काने का आरोप लगाते हुए कल्याणपुर थाना को आवेदन दिया है। योगदान नहीं दे पाने से शिक्षिका नौकरी नहीं करने देने का भी आरोप लगाती है। स्कूल शिक्षा का मंदिर होने के साथ-साथ संस्कार का भी मंदिर होता है जहां शिक्षक पुजारी के रुप में होते हैं। ऐसे में बच्चों को ऐसी संस्कार देना कहाँ तक उचित है। ऐसे कार्रवाई करने वाली शिक्षिका पर कड़ी कार्रवाई करने की जरुरत है।