मुश्किल परिस्थितियों में भी दानापुर मंडल ने आधारभूत संरचना और संरक्षा से जुड़े कई कामों को किया पूरा

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HAJIPUR: पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि कोरोना के कारण व्यापक स्वास्थ्य हित के मद्देनजर जब लोग अपने-अपने घरों में रहे तब पूर्व मध्य रेल के रेलकर्मी अपनी जिम्मेवारियों के निर्वहन में पूरी मुस्तैदी से लगे रहे. आपदा को अवसर में तब्दील करते हुए आधारभूत संरचना, रेल परिचालन, संरक्षा आदि से जुड़े ऐसे कई कार्य पूरे गए जो काफी समय से लंबित थे.

इस दौरान ट्रैक पर ट्रेनों का दबाव नहीं रहा जिससे इन कार्यों को पूरा करने में काफी सहुलियत हुई. हालांकि वर्तामान हालात को देखते हुए इन कामों को पूरा करना चुनौतीपूर्ण रहा, परंतु बचाव के सभी उपायों का पालन करते हुए इसे सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया. दानापुर मंडल में दिनांक 25 मार्च से 31 मई तक फतुहा और पटना साहिब स्टेशन के मध्य पुल संख्या 75 का नवीनीकरण करते हुए पुल के कंक्रीट बॉक्स और अपग्रेडेड स्लीपर का काम पूरा किया गया. ट्रैक संरचना के उन्नयन के बाद यहां से 130 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से परिचालन संभव हो सकेगा.

इसी तरह पटना-गया रेलखंड के मध्य जहानाबाद और जहानाबाद कोर्ट स्टेशन के मध्य सड़क ऊपरी पुल 69ए (आर.यू.बी.) के निर्माण के बाद सर्विस गर्डर को हटा लिया गया. मालूम हो कि सड़क ऊपरी पुल के निर्माण के बाद सर्विस गर्डर को हटा लेना था लेकिन पर्याप्त ब्लॉक नहीं मिलने के कारण अबतक इसे नहीं हटाया जा सका था. परिणामस्वरूप पिछले लगभग 01 वर्ष से अप और डाउन दोनों लाइनों पर ट्रेनों को नियंत्रित गति 20 किलोमीटर प्रतिघंटा से चलाया जा रहा था. अब सर्विस गर्डर के हटाने के बाद सड़क उपयोगर्ता तो लाभान्वित होंगे ही ट्रैक के उन्नयन के बाद ट्रेनों की गतिसीमा में वृद्धि होगी.

फतुहा-इस्लामपुर रेलखंड के मध्य जियोगिड का उपयोग करते हुए बीसीएम द्वारा रेलवे ट्रैक का गहन जांच काम के शुरुआत में लॉकडाउन लग जाने के कारण स्थगित कर दिया गया था. लेकिन फिर 07.05.2020 को जिला प्रशासन की अनुमति से लगभग तीन किलोमीटर लंबे रेलवे ट्रैक की डिप स्क्रीनिंग का कार्य पूरा कर लिया गया. संरक्षा के दृष्टिकोण से इस कार्य को पूरा करना अत्यंत आवश्यक था.

नए किउल ब्रिज पर परिचालन प्रारंभ के साथ किउल-लखीसराय के बीच लगभग 150 वर्ष पुराना सिगनल यार्ड का नवीनीकरण कार्य पूर्ण हुआ. किऊल-हावड़ा, किऊल-जमालपुर, किऊल-गया और किऊल-पटना सहित कुल चार दिशाओं से परिचालन संबंधी जटिला के कारण इस यार्ड का रिमॉडलिंग काफी चुनौतीपूर्ण कार्य था. अब सिगनल, इंजीनियरिंग सहित रेल परिचालन से जुड़ी सभी तकनीकें ऑटोमेटिक हो गई हैं, फलतः संरक्षा में वृद्धि होगी. साथ ही ट्रेनों की अधिकतम गतिसीमा में भी वृद्धि के मार्ग प्रशस्त हो गए हैं तथा ट्रेनों के समय पालन में भी वृद्धि होगी. किऊल और लखीसराय में नये कॉमन लूप बन जाने से चारों दिशाओं से ट्रेनों का परिचालन और सुगम हो जाएगा.इसके अतिरिक्त और भी कई महत्वपूर्ण लंबित कार्यों का निष्पादन किया गया जिससे दानापुर मंडल में ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह संरक्षित और बेहतर तरीके से हो पाएगा.