नालंदा विश्वविद्यालय के चांसलर जॉर्ज यो ने दिया इस्तीफा

895
0
SHARE

पटना: नालंदा विश्वविद्यालय के दूसरे चांसलर जॉर्ज यो ने अचानक शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय के स्वायत्तता को प्रभावित किया जा रहा है। नेतृत्व परिवर्तन को लेकर नोटिस तक नहीं दिया जा रहा है।

Read Latest Patna News in Hindi

यो ने इस्तीफे में कहा कि पिछले दशक में नालंदा को पुनर्जीवित करने के काम से जुड़ना, अमर्त्य सेन के नेतृत्व में एनएमजी और संचालन बोर्ड के सदस्य के रूप में काम करना और विवि का दूसरा चांसलर नियुक्त होना मेरे लिए सम्मान और गौरव की बात रहा है। यो ने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद विवि ने डॉ. गोपा सभरवाल और उनके सहकर्मियों के अथक प्रयास के जरिए उल्लेखनीय प्रगति की है।

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने विश्वविद्यालय के विजिटर के रूप में 21 नवंबर को बोर्ड का पुनर्गठन किया था जिससे प्रतिष्ठित संस्थान की संचालन इकाई का सरकार द्वारा पुनर्गठन किए जाने के बाद संस्थान के साथ सेन का लगभग एक दशक पुरान संबंध खत्म हो गया था।

सूत्रों के अनुसार राष्ट्रपति ने विश्वविद्यालय के विजिटर के रूप में अपनी क्षमता के तहत नालंदा विश्वविद्यालय कानून 2010 के प्रावधानों के अनुरूप संचालन बोर्ड के पुनर्गठन को मंजूरी दे दी। उन्होंने वाइस चांसलर का अस्थाई प्रभार विश्वविद्यालय के सबसे वरिष्ठ डीन को दिए जाने को भी मंजूरी दे दी। क्योंकि वर्तमान वाइस चांसलर गोपा सबरवाल का एक साल का विस्तार कल पूरा हो गया। नए वाइस चांसलर की नियुक्ति होने तक यह व्यवस्था होगी।

नए संचालन बोर्ड में 14 सदस्य होंगे जिसकी अध्यक्षता चांसलर करेंगे। इसमें वाइस चांसलर, भारत, चीन, ऑस्ट्रेलिया, लाओस पीडीआर और थाईलैंड द्वारा नामांकित पांच सदस्य भी होंगे। पूर्व राजस्व सचिव एनके सिंह भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे. वह नालंदा मेंटर्स ग्रुप के सदस्य भी थे।