राहत पर दिखावा – बोट पर वोट भारी

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कटिहार – बिहार के राजधानी पटना से करीब 350 किलोमीटर दूर कटिहार जिले के अमदाबाद प्रखंड में आई बाढ़ के पानी से 20 हज़ार से ज्यादा लोग प्रभावित हो गए हैं। लोगों को निकालने का कार्य चल तो रहा है मगर लोगों में भय समाया हुआ है। लोगों में रोष इस बात को भी लेकर है कि राहत सामग्री का वितरण नहीं हो रहा है और नावों को जनप्रतिनिधि और उनके कार्यकर्ता ही छेक लेते हैं। ऐसे में बाढ़ में फसे लोग नहीं निकल पाते हैं। सफेदपोश नेताओं ने सरकार द्वारा भेजी गई बाढ़ पीड़ितों के लिए एसडीआरएफ की टीम और उनके बोटों को बाढ़ पीड़ितों से मिलने और राहत पहुंचाने के नाम पर बोटों का इस्तेमाल करते हैं जिससे बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने में काफी दिक्कत हो रही है क्योंकि बोट में संख्या भर ही लोग आ सकते हैं।

राज्य प्रशासन की आपदा विभाग तथा जिला प्रशासन आपदा विभाग के सहयोग से राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है लेकिन पंचायत में फंसे लोगों का कहना है कि अब तक पॉलीथीन एवं राशन सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई है। लखनपुर पंचायत के समीप एसडीआरएफ टीम के निरीक्षक ने बताया कि हमारे साथ 12 सदस्यों की टीम है जिसमें तीन मोटर बोट एवं मेडिकल टीम भी साथ है। जिला प्रशासन की ओर से जो आदेश प्राप्त होता है उस अनुसार ये सभी 24 घंटे राहत सामग्री एवं बचाव के लिए तत्पर रहते हैं। उन्होंने कहा बेदा पंचायत, लखीमपुर पंचायत, उसरी अहमदाबाद, दुर्गापुर, भवानीपुर खट्टी, जंगलात पंचायत के हजारों लोग बेघर हो चुके हैं। इन बेघर लोगों ने अमदाबाद के बांध पर शरण लिया हुआ है। पीड़ित परिवार अपने जान माल को बचाने के लिए घर की सारी संपत्ति को ऊपर वाले के ऊपर छोड़ कर खानाबदोश की जिंदगी बांध पर बिता रहे हैं। नतीजतन दिन तो कट जाता है परंतु रात में रौशनी के अभाव में समय गुजरना काफी मुश्किल हो रहा है। पीड़ित लोगों का कहना है कि इस परिस्थिति में विषैले सांप का प्रकोप काफी बढ़ जाता है। बाढ़ से प्रभावित लोगों का कहना है कि राहत के नाम पर किसी को पॉलीथिन की व्यवस्था नहीं कराई गई है। लोगों ने कहा कि इन क्षेत्रों में 12 अगस्त से ही बाढ़ के प्रकोप से लोग त्राहिमाम हैं।