नीतीश कुमार ने बीजेपी को दिया चुनौती, कहा हिम्मत है तो यूपी-बिहार विस और लोस चुनाव कराएं एक साथ

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पटना समाचार / संवाददाता- (Patna News)

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। उन्होने बीजेपी का नाम लिए बगैर कहा कि हिम्मत है तो बिहार एवं यूपी का विधान सभा और लोक सभा चुनाव एक साथ कराएं। हम बिहार में चुनाव कराने के लिए तैयार हैं।

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मुख्यमंत्री ने यूपी के डीप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के उस बयान का जवाब दिया है जिसमें केशव प्रसाद मौर्य ने बिहार में फिर से चुनाव कराने की बात कही थी। उन्होने आगे कहा कि पूरे देश में कृषि के क्षेत्र में संकट आ गया है। किसान संकट में पड़े हैं। अकेले कर्ज़ माफी कोई समस्या नहीं है। मूल समस्या तो किसानों के फसल उत्पादन में बढ़ रही लागत और उचित दाम का नहीं मिलना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 में बीजेपी ने जो वादा किया था और जो घोषणा पत्र जारी किया था, उसमें लागत मूल्य में पचास प्रतिशत मुनाफा जोड़कर न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करना था। जो अभीतक नहीं हुआ। उन्होने कहा कि जिस प्रकार बीटी कॉटन फेल हो रहा है उसी प्रकार से जीएम सीड भी फेल हो गया है। मैंने इसका पुरजोर विरोध भी किया । मैंने केंद्र सरकार को पत्र भी लिखा लेकिन इसकी अनदेखी कर दी गई। उन्होने कहा कि दूसरे प्रकार की बीमारी भी अब बीजों में आ रही है। सीड में मल्टीनेशनल कंपनी आएगी तो मुनाफा कमाएंगे। सरसों में जीएमसी सीड आएगा तो सेहत पर पूरा असर करेगा । बीजेपी ने किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य देने का जो वादा किया वो अभी तक पूरा नहीं किया। उन्होने कहा कि अगर टेस्टिंग के साथ-साथ मिट्टी को ठीक नहीं किया तो स्वायल हेल्थ कार्ड बेकार है। इससे सिर्फ बीमा कंपनियों को फैदा होने वाला है किसान को नहीं । उन्होने मीडिया को भी आड़ो हाथ लेते हुए कहा कि मीडीया का अब कोर्पोर्टेज़ाइसन हो गया है । इसलिए अब आवाज़ नहीं उठ रहा है । उन्होने कहा कि जो कर्ज़ लिया वो भी संकट में है और जो नहीं लिया वो भी संकट में। हमने संसाधन को सीमित कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि मंत्रालय का नाम सिर्फ बदल देने से देश की समस्या का हल नहीं होगा। किसानों की आमदनी को बढाने को लेकर उन्होने कहा कि देश के किसानों की आमदनी ग्रुप डी के कर्मचारी से भी कम है। उसे बढ़ाना होगा। तत्कालिक कर्ज़ माफी से काम नहीं चलने वाला नहीं है। उन्होने जाट, पाटीदार और मराठा की हालत पर चर्चा करते हुए कहा कि विभिन्न प्रांतों में आरक्षण की मांग क्यों बढ़ रही है, क्योंकि अग्रेरियन क्राइसिस है। इसकी राष्ट्रीय स्तर पर आवश्यकता है। योग पर चर्चा करते हुए उन्होने कहा कि इसका लाभ तो है पर सार्वजनिक रूप से सही आसन किया जाए तब। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह के आसन योग करने पर चुटकी लेते हुए कहा कि गलत तरीके से योग का प्रदर्शन करना सही नहीं है । उन्होने अमित शाह द्वारा गांधी जी को चतुर बनिया कहे जाने पर कहा ये सब नोटिस लेने की बात है। गांधी जी पर कौन क्या बोलता है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा।