बिहार में नोटबंदी ने अब तक ली पांच की जान

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औरंगाबाद: बिहार के औरंगाबाद में जिले में रुपए बदलवाने के लिए कतार में लगना एक रिटायर फौजी को भारी पड़ गया। औरंगाबाद के एसबीआई की दाउद नगर शाखा से मंगलवार को वो पैसे निकालने पहुंचे थे। अचानक तबीयत खराब हो गयी। चक्कर आने के बाद वो लड़खड़ा कर गिर गये। जब तक लोग उन्हें अस्पताल पहुंचाते, उनकी मौत हो गयी।

मृतक 65 वर्षीय सुरेंद्र कुमार शर्मा दाउद नगर थाना क्षेत्र के अराई गांव के रहने वाले थे। जानकारी के अनुसार, सुरेंद्र के घर कुछ रिश्तेदार आए थे जिनकी विदाई के लिए वह दस हजार रुपए निकालने बैंक पहुंचे थे। वहां उन्होंने चेक और एक्सचेंज फॉर्म भरा और कतार में लग गए। बैंक में सुबह से ही लंबी कतार लगी थी और धक्का-मुक्की भी हो रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कतार में थोड़ी देर खड़े रहने के बाद उन्हें चक्कर आ गया और वह लड़खड़ाकर गिर पड़े।

शव के पास पड़े आधार कार्ड, चेकबुक और अन्य दस्तावेजों से उनकी पहचान हुई। उन्हें देखने वाले डॉक्टर विनोद ने कहा कि उनके सामने वृद्ध को मृत अवस्था में लाया गया था। संभव है मौत हार्टअटैक से हुई हो लेकिन पोस्टमार्टम के बाद ही अंतिम रूप से कुछ कहा जा सकेगा।

एसपी डॉ सत्यप्रकाश ने बताया कि उक्त रिटायर फौजी बैंक में पैसा निकालने पहुंचे थे और कतार में खड़े थे। इसी दौरान उनकी तबीयत खराब हुई और वह गिर पड़े। उन्होंने कहा कि इस घटना की जांच का आदेश दाउदनगर थानाध्यक्ष को दिया गया है।

कतार में लगे बुजुर्ग की मौत होने से बैंक में हड़कंप मच गया। बैंकों में बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए अलग से काउंटर बनाए जाने के निर्देश हैं लेकिन अधिकतर में ऐसा नहीं हो रहा। दाउदनगर में भी इस बैंक में अलग काउंटर नहीं था।

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वहीं बैंक प्रबंधन का कहना है कि कर्मचारियों की कमी और काम के अत्यधिक दबाव की वजह से ऐसा नहीं हो पा रहा है। अधिकतर बैंक शाखाएं क्षमता से कई गुना ज्यादा काम कर रही हैं और उनके पास कर्मचारियों की भारी कमी है। इस घटना के बाद भी बैंक के आगे कतार लगी रही।