पंचतत्व में विलीन हुए शहीद चंदन कुमार, पिता ने दी मुखाग्नि, बेटे के लिए की परमवीर चक्र की मांग

218
0
SHARE

ARA: भारत-चीन के सीमा पर देश की रक्षा में वीर गति को प्राप्त हुए भोजपुर जिले के लाल चंदन कुमार का पार्थिव शरीर आज उनके पैतृक गांव ज्ञानपूरा पहुंचा, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया. शहीद की चिता को मुखाग्नि उनके पिता हृदयानंद सिंह ने दी. इस दौरान सबकी आंखें नम हो गई. सेना और पुलिस बल के जवानों ने पूरे राजकीय सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर देकर वीर सपूत चंदन को अंतिम विदाई दी.

शहीद की शहादत पर फक्र से सीना चौड़ा करते हुए चंदन कुमार के तीन बड़े भाई जो फिलहाल आर्मी में तैनात है उन्होंने भी देश की रक्षा मरते दम तक करने की कसम खाई है. वहीं शहीद के परिजनों ने उनके इस सूरवीरता पर सरकार और सेना से अपने लाडले को परमवीर चक्र से सम्मानित करने की भी मांग की.

परिजनों ने सरकार की ओर से भेंट करने आए मंत्री प्रेम कुमार से शहीद की गांव तक पक्की सड़क समेत स्मारक बनाने की मांग की और चीन के इस कायराना हरकत का बदला लेने की बात कही. साथ ही चंदन के भाई ने कहा कि अभी तो एक ही भाई ने शहादत दी है. जरूरत पड़ी तो सभी भाई बलिदान देने को तैयार हैं. वहीं सेना के अधिकारी ने शहीद के शव के साथ लिपटे तिरंगा को उनके पिता के हाथ सौंपा. इस पल को देख वहां मौजूद लोगों की आंखे भर आई.

शहादत में शरीक होने आए बिहार सरकार के कृर्षी मंत्री और बीजेपी के कद्दावर नेता प्रेम कुमार ने कहा कि शहीद चंदन कुमार के परिजनों की मांग जायज है. उनकी इस वीरता को हमेशा स्मरण किया जायेगा साथ ही उनकी शहादत जाया नहीं जाएगी. सरकार चीन और उनके सैनिकों से भारतीय सैनिकों के बलिदान का बदला चुनचुन कर लेगी. मंत्री ने आश्वासन देते हुए कहा कि शहीद के परिजनों को राज्य और केन्द्र सरकार से मिलने वाली हर सुविधा मुहैया कराई जाएगी.

देश पर अपनी जान गंवाने वाले चंदन कुमार की अंतिम विदाई में उमड़े लोगों ने भारत माता की जय और वीर सपूत चंदन अमर रहे के नारों से पूरे माहौल को गुंजयमान कर दिया. शहीद चंदन कुमार की शादी भी इसी साल पिछले मई महिने में होने वाली थी लेकिन लॉकडाउन की वजह से उनकी शादी पोस्टपोन कर दी गई थी, जिसके बाद चंदन के परिजनों को उनकी शहादत की खबर ने पूरी तरह से झकझोर कर रख दिया.

आरा से विशाल की रिपोर्ट