शराब पिलाकर पुलिसवाले करवाते हैं ये काम !

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बिहार में कानून को जरुरत पड़ती है शराब की

नवादा- जिन्दगी ने तो रुसवा किया ही, मौत भी इज्जत ना बख्श सकी इस महिला को ! बिना शव वाहन के एक महिला का शव बांस में जानवरों की तरह बांध कर जुगाड़ तरीके से उठवाया पुलिस ने. इतना ही नहीं ये सब करने के लिए बिहार के सख्त शराबबंदी कानून को भी तोड़ा गया.

दरअसल कादिरगंज थाना के नथनपुरा गांव से सटे रेलवे लाइन से पुलिस ने एक महिला का शव बरामद किया था लेकिन पुलिस ने शव को जुगाड़ गाडी तक लाने के लिए स्ट्रेचर नहीं बल्कि बांस का सहारा लिया.

पुलिस के द्वारा शव के साथ जानवर जैसा सुलूक और उसे बांस में बांधकर जुगाड़ गाड़ी के पास लाना बेहद अपमानजनक था. शव को पोस्टमार्टम के लिए पहुंचाने के लिए पुलिस अपने साथ देा मजदूर को भी लेकर पहुंची थी और उन्होंने पुलिस के सामने शव को बांस में बांधा.

कादिरगंज ओपी के नथनपुरा गांव से सटे किउल-गया रेलखंड के समीप से महिला का शव अर्धनग्न अवस्था में बरामद हुआ जिससे आशंका जताई जा रही है कि हत्यारों ने उसके साथ दुष्कर्म करने के बाद हत्या कर दी और साक्ष्य छिपाने के लिए रेलवे ट्रैक के समीप फेंक दिया.

मृतक की पहचान गुड़िया देवी के रूप में की गई है जो जेल रोड की रहने वाली बताई जाती है. पुलिस ने बताया कि ग्रामीणों के द्वारा शव होने की सूचना दी गयी थी. शव को देखने से ऐसा प्रतीत होता है कि इसकी ह्त्या किसी दूसरे जगह पर की गयी है, शव के गले में गमछा बांधा हुआ था. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है.

इस दरम्यान पुलिस ने मानवता को ताक पर रखकर शव को अस्पताल पहुंचाया. पुलिस ने पहले से ही बास मंगा रखी थी और शव को जानवार की तरह बांध कर जुगाड़ गाडी पर रखा. शव को लाने के लिए पुलिस ने मजदूरों को शराब भी पिलाई.

थाने में मिलती है शराब, लेकिन शराब वैसे लोगों को दिया जाता है, जो थानेदार की सुनता है. आज जब शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल पहुंचाना कठिन समस्या के रूप में पुलिस के सामने आया तब पुलिस ने उसके के लिए दो मजदूरों की तलाश की और उन्हें शव लाने को कहा. मजदूरों को शव लाने के लिए पहले 4 पाउच देशी शराब पिलाया, तब मजदूरों ने शव को अस्पताल पहुंचाया.

जहां मजदूरों ने बताया कि शराब बड़ा बाबू के द्वारा दिया गया है वहीं सदर डीएसपी ने बताया कि ऐसी बात की जानकारी उन्हें नहीं है और ऐसा नहीं होना चाहिए. इतना कह डीएसपी ने ये दो बात बताकर पल्ला झाड़ लिया. इस घटना से बिहार में पूर्ण शराबबंदी की भी पोल खुली कि किस तरह थानेदार ही शराब को लोगों को खुश करने के लिए बांट रहा है.