कैसे हुई बैडमिंटन खिलाड़ी की हत्या – उलझन में दरभंगा पुलिस

748
0
SHARE

दरभंगा: हर रोज़ की तरह वो दिन नहीं था। अपने रूटीन के विपरीत शनिवार अहले सुबह वो पोलो ग्राउंड नहीं पहुंची। वाटरवेज कॉलोनी से क्लब तक की मुख्य सड़क ने जॅागिंंग करते समय उसके बूट से निकलने वाली धमक नहीं सुनी और शाम होते-होते पोलो ग्राउंड के कोने में स्थित इंडोर स्टेडियम का हॅाल मायूस हो गया कि उसके बैडमिंटन रैकेट से निकलने वाली स्मैश की आवाज अब वहां नहीं गूंजा करेगी।

सिम्मी सलोनी नाम की बिहार महिला बैडमिंटन की इस राइजिंग स्टार की लाश लहेरियासराय स्थित वाटरवेज कालोनी के पानी टंकी कैंपस में मिली। न ट्रैक सूट और न ही बूट। लाश के बगल में स्लीपर पड़े थे। खून के धब्बे बिखरे थे। उसके बदन पर जख्म बता रहे थे कि इस एथलीट ने मौत से जूझते हुए जबरदस्त प्रतिरोध किया होगा।

लोगों की सूचना पर बहादुरपुर थाने के एसएचओ राज नारायण सिंह दल-बल के साथ वहां पहुंचे। खुद एसएसपी आ गए और उन्होंने लाश मिलने वाली जगह का मुआयना किया।

“जख्म को देखने से लगता है कि लड़की की हत्या की गई है। सभी बिन्दुओं को ध्यान में रख तफ्तीश की जा रही है,” दरभंगा एसएसपी सत्य वीर सिंह ने कहा।

पिता अजय कुमार सिन्हा के बयान पर बहादुरपुर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर तफ्तीश तेज कर दी है। पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। उसके लिए राह आसान नहीं क्योंकि परिजनों के मुताबिक सलोनी मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करती थी।

परिवार जनों के अनुसार हर दिन की तरह सिम्मी सलोनी जॅागिंग के लिए निकली लेकिन उसके लौटने में देर होने के बाद घर के लोग उसे खोजने निकले। सिम्मी के महिला दोस्तों को भी फोन किया गया। बाद में कॉलोनी के ही पानी टंकी कैंपस से उसकी लाश मिली।

सी एम साइंस कालेज में पढ़ने वाली २० साल की सलोनी का रूझान खेलों की तरफ था। साल २०१६ में अरूणाचल में आयोजित महिला बैडमिंटन की नेशनल प्रतियोगिता में उसने बिहार का प्रतिनिधित्व किया था। चार साल से वो जिला बैडमिंटन की चैंपियन रही। इस्ट जोन इंटर युनिवर्सिटी चैंपियनशिप में उसने एलएनएमयु को रेप्रैजेंट किया। इसके अलावा वो दौड़ स्पर्धाओं में भी शिरकत करती रही।