राज्य के 21 जिला अस्पतालों के विस्तारीकरण और उन्नयन का काम 2022 तक हो जाएगा पूरा- अनुपम कुमार

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PATNA: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर सचिव सूचना एवं जन-सम्पर्क अनुपम कुमार, सचिव स्वास्थ्य लोकेश कुमार सिंह और अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस मुख्यालय जितेन्द्र कुमार ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर सरकार की ओर से किये जा रहे कामों के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी.

सचिव, सूचना एवं जन-संपर्क अनुपम कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण की वर्तमान स्थिति को लेकर सरकार की ओर से सभी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है. सीएम नीतीश की ओर से लगातार इसकी समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं. स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और विस्तारीकरण को लेकर सीएम नीतीश की ओर से पहले ही निर्देश दिया गया था.

इसी क्रम में आज स्वास्थ्य विभाग के कई महत्वपूर्ण योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया गया. सीएम नीतीश ने आज वर्ल्ड क्लास सुविधाओं से लैस देश के पहले और सबसे बड़े 100 बेड के शिशु गहन चिकित्सा इकाई (PICU) अस्पताल, सदर अस्पताल मुजफ्फरपुर में बने 100 बेड के मातृ-शिशु वार्ड का उद्घाटन किया. राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय और अस्पताल झंझारपुर, मधुबनी और श्रीकृष्ण चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल मुजफ्फरपुर के भवन के उन्नयन कार्य का मुख्यमंत्री ने शिलान्यास किया.

सीएम नीतीश ने कहा कि वर्ष 2006 में बिहार में टीकाकरण 18 प्रतिशत था जो अब बढ़कर 86 प्रतिशत हो गया है और हमारा लक्ष्य है कि टीकाकरण के मामले में बिहार देश के पांच सर्वश्रेष्ठ राज्यों में शामिल हो. इसके अलावा एसकेएमसीएच मुजफ्फरपुर को भी 2,500 बेड के अस्पताल के रूप में विस्तारित किया जा रहा है. एनएमसीएच पटना, एएनएमएमसीएच गया और डीएमसीएच दरभंगा का भी विस्तार किया जा रहा है.

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, अनुमंडल अस्पतालों के अलावा अन्य मेडिकल अस्पतालों का भी उन्नयन कर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं. पीएमसीएच को दुनिया का सबसे अधिक 5,400 बेड वाला अस्पताल बनाया जा रहा है. आईजीआईएमएस पटना को 2,500 बेड, राज्य के 36 जिलों के 21 जिला अस्पतालों का विस्तारीकरण सह उन्नयन का कार्य 2022 तक पूर्ण हो जाएगा.

सरकार की नीति है कि ग्रामीणों क्षेत्रों में अस्पताल निर्माण के लिए जो लोग भी जमीन दान देंगे उनके नाम पर अस्पताल का नामकरण किया जाएगा. अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा. पल्स पोलियो अभियान के बेहतर संचालन के कारण बिहार में पोलियो से मुक्ति मिली है. हमारा लक्ष्य कालाजार से मुक्ति का है. इसके लिए काम किया जा रहा है.

अनुपम कुमार ने बताया कि आज की तिथि में ब्लॉक क्वारंटाइन सेंटर्स की संख्या 7,530 है, जिनमें 2 लाख 63 हजार 880 लोग आवासित हैं. ब्लॉक क्वारंटाइन सेंटर्स में अब तक 15 लाख 12 हजार 753 लोग आवासित हो चुके हैं. इनमे से 12 लाख 48 हजार 873 लोग क्वारंटाइन की निर्धारित अवधि पूरा कर अपने घर वापस जा चुके हैं. मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष से मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना के अंतर्गत बाहर फंसे बिहार के 20 लाख 85 हजार 302 लोगों के खाते में प्रति व्यक्ति 1,000 रूपये की सहायता राशि भेजी जा चुकी है.

उन्होंने बताया कि 1 करोड़ 42 लाख राशन कार्डधारी परिवारों के खाते में प्रति परिवार 1,000 रूपये की सहायता भेजी गयी है. इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में जीविका और शहरी क्षेत्रों में एनयूएलएम के द्वारा चिन्हित गैर राशन कार्डधारी 21 लाख सुयोग्य परिवारों के खाते में 1,000 रूपये की सहायता राशि भी अंतरित की जा चुकी है. राशन कार्ड बनाने का काम भी तेजी से आगे बढ़ रहा है और अब तक 14 लाख नये राशन कार्ड बनाये जा चुके हैं.

सचिव, सूचना और जन-संपर्क ने बताया कि रोजगार सृजन पर सरकार का विशेष ध्यान है और सभी संबंधित विभाग रोजगार सृजन को लेकर किये जा रहे कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग कर रहे हैं. लॉकडाउन पीरियड से लेकर अभी तक लगभग 4 लाख 44 हजार से अधिक योजनाओं के अंतर्गत 5 करोड़ 8 लाख से अधिक मानव दिवसों का सृजन किया जा चुका है.

श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के बिहार आने की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है. आज 4 ट्रेनों के माध्यम से 6,600 लोग बिहार पहुंच रहे हैं, जबकि कल 10 ट्रेनों के माध्यम से 13,200 लोगों का आगमन संभावित है. इस प्रकार 5 जून तक 1,491 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के माध्यम से 20 लाख 80 हजार 800 लोग बिहार आ चुके हैं.