बिहार की प्रगति, सामाजिक उत्थान एवं सामाजिक चेतना जागृत करने में स्व0 रामलखन सिंह यादव का अमूल्य योगदान रहा है: मुख्यमंत्री

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पटना समाचार, 09 मार्च 2017: (Patna News) मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज दारोगा राय पथ स्थित श्रीकृष्ण चेतना परिषद भवन में स्व0 रामलखन सिंह यादव जी के जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया।

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इस अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम सब लोग स्व0 रामलखन सिंह यादव जी के जन्मदिवस के अवसर पर उन्हें श्रद्धा निवेदित करने के लिये एकत्रित हुये हैं। उन्होंने कहा कि बिहार की प्रगति, सामाजिक उत्थान एवं सामाजिक चेतना जागृत करने में स्व0 रामलखन सिंह यादव का जो योगदान रहा है, उसे भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि राज्य में आधारभूत संरचनाओं को विकसित करने में भी उनका अमूल्य योगदान था। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी रामलखन बाबू का अविस्मरणीय योगदान था। समाज के पिछड़े वर्ग के लोग शिक्षा के क्षेत्र में काफी पीछे थे। उन्होंने कहा कि रामलखन बाबू ने शिक्षा के प्रति प्रेरणा जगायी। उनके नाम पर दर्जनों विद्यालय एवं महाविद्यालय स्थापित हुये। उन्होंने कहा कि समाज की तरक्की बिना शिक्षा के संभव नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व0 रामलखन सिंह यादव जी के संबंध में बाल्यकाल एवं युवावस्था से ही सुनने और जानने का अवसर मिला। बाद में बहुत करीब से उनके विचारों एवं मान्यताओं से अवगत होने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि जब 1985 में मैं पहली बार विधायक बना तो विधानसभा की एक कमिटी बनी थी, जिसके अध्यक्ष स्व0 रामलखन सिंह यादव थे। उन्होंने कहा कि पांच सदस्यीय कमिटी में एक सदस्य मैं भी था। यह कमिटी एक मामले की जांच के लिये बनी थी। इस दौरान उनके काम को नजदीक से देखने का अवसर मिला कि वे किस गहराई एवं सूक्ष्म तरीके से काम करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के नवनिर्माण में भी रामलखन बाबू की जबर्दस्त भूमिका थी। आजादी की लड़ाई में तो उनकी भूमिका थी ही, कांग्रेस पार्टी को मजबूत आधार देने में भी उनकी भूमिका रही। उन्होंने कहा कि रामलखन सिंह यादव कांग्रेस के साथ थे किन्तु जब उन्हें लगा कि कांग्रेस द्वारा उनकी योग्यता को नजर अंदाज किया गया तो जनता दल की ओर से 1991 में चुनाव लड़े और विजयी हुये। उनके स्वभाव में स्नेह था और युवा पीढ़ी को आगे बढ़ाने की ललक थी। उनसे बहुत कुछ सीखने एवं समझने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि बिहार के बुनियादी ढांचे को विकसित करने में उनका काफी योगदान था। उन्होंने कहा कि हम उस बुनियादी ढांचे को और विकसित करने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि अब हमारी कोशिश ये है कि राज्य के सुदूर क्षेत्रों से भी किसी व्यक्ति को राजधानी पटना पहुंचने में पांच घंटे से ज्यादा समय न लगे, इसके लिये सड़कों की बेहतरी का काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि आज भी कुल 89 प्रतिशत आबादी गांवों में निवास करती है और 76 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। जब तक कृषि एवं ग्रामीण क्षेत्रों का विकास नहीं होगा, तब तक बिहार का विकास नहीं होगा। इसी को ध्यान में रखते हुये महागठबंधन की सरकार ने चुनाव के पूर्व साझा कार्यक्रम में सात निश्चय की योजना को लिया और जब सरकार बनी तो सरकार ने सात निश्चय की योजनाओं के क्रियान्वयन पर काम किया। उन्होंने कहा कि सरकार के सात निश्चय में से एक निश्चय महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण देने के निश्चय को सरकार बनने के दो महीने के अंदर लागू कर दिया गया। उन्होंने कहा कि रामलखन बाबू ने शिक्षा के क्षेत्र में अमूल्य योगदान दिया। हमलोग उसी को आगे बढ़ाते हुये आज अपनी बजट का 20 प्रतिशत से भी ज्यादा धन शिक्षा पर लगा रहे हैं। हमारी कोशिश है कि समाज का हर बच्चा ठीक ढ़ंग से पढ़े। लड़कियों की शिक्षा पर विशेष बल दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में यदि लड़की मैट्रिक पास है तो प्रजनन दर दो है और लड़की 12वीं पास है तो प्रजनन दर 1.6 है, जबकि देश का औसत 1.7 है। हमने तय किया कि हम हर बच्ची को 12वीं तक पढ़ायेंगे। उन्होंने कहा कि आज गांव में रहने वाले युवक-युवती आर्थिक कारणों से उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाते हैं। महागठबंधन की सरकार का सात निश्चय में से एक निश्चय युवाओं को उच्च शिक्षा प्रदान करने से संबंधित है। उन्होंने कहा कि हमारा ग्रोस इन्राॅलमेंट रेशियो 13 प्रतिशत है। हम उसे 35 से 40 प्रतिशत तक ले जाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे छात्र-छात्रा जो गरीबी के कारण 12वीं से आगे की पढ़ाई नहीं कर पाते हैं, उनके उच्च शिक्षा के लिये सरकार चार लाख रूपये तक की सीमा का बिहार स्टुडेंट क्रेडिट उपलब्ध करा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रामलखन सिंह यादव ने अपने सार्वजनिक जीवन में राज्य को अपने स्तर से जितना बढ़ाने की कोशिश की, उसे हमलोग और आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी जिनके हाथों में शक्ति है और जिनका आरक्षण पर निगाह है, इसके लिये सामाजिक एकरूपता एवं एकजुटता बनी रहनी चाहिये। उन्होंने कहा कि दलितों, पिछड़ों और जनजाति को जो अधिकार है, उस पर कोई आघात न हो। उन्होंने कहा कि समाज को बांटने की कोशिश नहीं होनी चाहिये बल्कि सौहार्द एवं प्रेम की कोशिश होनी चाहिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में शराबबंदी से समाजिक परिवर्तन हुआ है। शराबबंदी लागू हुई तो गरीब-गुरबा के परिवार में शांति आयी है और बिहार में एक नये सामाजिक परिवर्तन की बुनियाद पड़ी है। उन्होंने कहा कि समाज को एकजुट रखते हुये जब हम आगे बढ़ेंगे तो हम अपने प्रतिबद्धता के अनुरूप काम कर सकेंगे।

इसके पूर्व मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण चेतना परिषद भवन पहुंचकर स्व0 रामलखन सिंह यादव जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धा निवेदित की।

इस अवसर पर आयोजित समारोह को पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री लालू प्रसाद यादव ने भी संबोधित किया और स्व0 रामलखन बाबू के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। समारोह को पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री अवधेष कुमार सिंह ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर न्यायमूर्ति राजेन्द्र प्रसाद सिंह, पूर्व सांसद श्री प्रकाश चन्द्र, विधायक श्री राजवर्द्धन, विधायक श्री रविन्द्र यादव, विधायक श्री श्याम रजक, विधायक श्री भाोला यादव, विधायक श्रीमती रेखा देवी, विधान पार्षद एवं जदयू प्रवक्ता नेता श्री संजय सिंह,पूर्व विधान पार्षद श्री गुलाम गौस राजद के पटना जिला अध्यक्ष श्री देवमुनी सिंह यादव, जदयू नेता श्री नंदकिषोर कुषवाहा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।