आरजेडी विधायक सरोज यादव ने कोरोना काल में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर बिहार सरकार पर उठाया सवाल

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ARA: आरजेडी विधायक सरोज यादव ने कोरोना काल में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर बिहार सरकार के ऊपर लगातार सवाल उठते रहे हैं. हेल्थ डिपार्मेंट की कुव्यवस्था को दुरस्त करने के लिए नीतीश सरकार ने इस विभाग में कई बार अफसरों बदला लेकिन आज भी इसकी व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रहा है।

मामला बिहार के भोजपुर जिले का है. जहां बड़हरा सीट से जीत हासिल करने वाले आरजेडी विधायक सरोज यादव का एक वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में माननीय बेबस और लाचार नजर आ रहे हैं. वीडियो में एमएलए सरोज यादव फूट-फूट कर रोते हुए दिखाई दे रहे हैं. दरअसल, मामला ये है कि विधायक की मां का तबीयत कई दिनों से ख़राब है. उन्होंने अपनी मां को इलाज के लिए बिहार अस्पताल यानी कि पीएमसीएच में भर्ती कराया है. लेकिन इन दिनों उनकी तबीयत अचानक ज्यादा ख़राब हो गई है लेकिन पीएमसीएच में कोई भी डॉक्टर उनकी इलाज के लिए उपलब्ध नहीं है.

विधायक का जो वीडियो सामने आया है. उस वीडियो में विधायक बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठा रहे हैं. वे कह रहे हैं कि पीएमसीएच में उनकी बीमार मां का इलाज सही तरीके से नहीं किया जा रहा है. विधायक का कहना है कि उनकी मां का ठीक से इलाज नहीं हो रहा है. बिहार सरकार ने उन्हें मरने के लिए छोड़ा है. उनकी मां की स्थिति इतनी ख़राब होने के बावजूद भी कोई भी डॉक्टर उन्हें देखने नहीं आ रहे हैं. यहां तक कि पीएमसीएच के सुपरिटेंडेंट भी उनके फोन कॉल का जवाब नहीं दे रहे हैं.

आरजेडी विधायक ने बताया कि मां की हालत बहुत ख़राब है. वह पीएमसीएच हॉस्पिटल में वेंटिलेटर पर हैं. उन्होंने सीएम से बात की. सीएम के असिस्टेंट से भी उन्होंने बातचीत की. लेकिन फिर भी उन्हें कोई प्रॉपर डॉक्टर नहीं मिल रहे हैं. न्यूरो फिजिसियन और गेस्ट्रोलॉजी के एचओडी डॉ विजय प्रकाश नहीं मिले रहे हैं. सीएम के असिस्टेंट दिनेश राय ने उनसे कहा कि सुबह 10 बजे डॉक्टर मिलेंगे. लेकिन तीन दिन बीत जाने के बावजूद भी कोई भी डॉक्टर मरीज को देखने नहीं आया. ये सारी बातें विधायक रोते-सिसकते बोल रहे हैं.

राजद विधायक ने कहा कि उनकी मां वेंटिलेटर पर हैं. अगर वेंटिलेटर से हटा दिया जाये तो तत्काल उनकी मौत हो जाएगी. लेकिन फिर भी कोई उनकी मदद नहीं कर रहा है. स्वास्थ्य मंत्री के यहां फोन करने पर उनका फोन काट दिया जाता है. विधायक ने कहा कि वह पूरी तरह बेबस हैं, उन्हें समझ में नहीं आ रहा है कि वह किससे गुहार लगाने जाएं. स्थिति ऐसी है कि वह अपनी मां को पीएमसीएच से हटा भी नहीं सकते हैं.

बिहार में विधायक को इस तरह बेबस और लाचार देखकर कई सवाल उठ रहे हैं. आपको बता दें कि नेता प्रतिपक्ष और बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव भी बिहार सर्कार को इस मुद्दे पर कई बार घेर चुके हैं. राबड़ी देवी से लेकर पप्पू यादव ने, बिहार के हर किसी नेता ने कोरोना काल में लोगों की जान बचाने को लेकर नीतीश सरकार को घेरा. कुव्यवस्था और विपक्ष के दबाव में आकर सरकार ने भी महीने भर के भीतर विभाग के 3-3 प्रधान सचिव को बदल दिया परंतु राजद विधायक का यह वीडियो सामने आने के बाद यही लग रहा है कि कुर्सी पर बीएस सरकार के नुमाइंदों के चेहरे बदले हैं, व्यवस्था आज भी वही है.

बहरहाल, यह वीडियो आरा (भोजपुर) जिले में बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है. बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले विधायक का यह वीडियो सामने आने से नीतीश सरकार की काफी फजीहत हो रही है. लोग सरकार से सवाल पूछ रहे हैं कि बिहार में आखिर हेल्थ डिपार्टमेंट कब सुधरेगा