दिल्ली की भाषा बोलने पर छात्र की बेरहमी से पिटाई

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मुकेश कुमार सिंह

सहरसा – बिहार के सहरसा में इवनिंग कॉलेज केंद्र पर इंटरमीडिएट की परीक्षा दे रहे सत्यम को ये पता नही था कि दिल्ली की भाषा बोलने की सजा उसे इस कदर मिलेगी। दिल्ली की टोन में बोलने पर पुलिसवालों को ये नागवार गुजरा और उसे इस कदर बेदर्दी से पिटाई की कि शरीर पर चोट की वजह से उसके परीक्षा के आधे घंटे छूट गए। अपनी गलती को छुपाने के लिए वहाँ पहुँचे अधिकारियों ने उसे आधे घंटे परीक्षा सेंटर पर अधिक दिया।

दरअसल सत्यम के पिता दिल्ली स्थित किसी प्राइवेट कंपनी के जूनियर इंजीनियर के पद पर नौकरी कर रहे है, छात्र सत्यम बचपन से ही दिल्ली में पला बढ़ा, जिसकी वजह से उसके बोल दिल्ली वालों के भाषा की जैसी है। उसने मिन्नतें भी की। उसने कहा “मैं वहीं पला बढ़ा मेरे बोलने के टोन कैसे बदलेंगे” पर पुलिसवालों ने एक न सुनी। पुलिस वालों ने कहा बिहारी जैसे बोलो फिर इसी बात पर अंततः जमकर पिटाई कर दी।

सेंटर पर मौजूद मजिस्ट्रेट ने भी स्वीकार किया कि उसे आधे घंटे अधिक दिए गए। छात्र सत्यम के शरीर पर जख्म के निशान उसके दर्द को बयां कर रहा है। एक तरफ सरकार पूर्व की तरह परीक्षा में कदाचार को लेकर बदनाम थी, जब सरकार का इस बदनामी से निकलकर कदाचारमुक्त परीक्षा को सफल बनाने का जो प्रयास है वो काबिले तारीफ है, ऐसे में इन पुलिसवालों ने सरकार को बदनाम करने की एक घिनोनी साजिश कर डाली। ऐसे में इस तरह के कुकृत्य करने वाले पुलिस वाले पर कार्रवाई तय होनी चाहिए ताकि परिजन निर्भीक होकर अपने बच्चों को परीक्षा देने सेंटर पर भेज सके अन्यथा ऐसी हरकत रही तो ऐसे माहौल में इन छात्रों को निर्भीक होकर परीक्षा देना भी एक मानसिक प्रताड़ना से कम नहीं होगा।