छेड़छाड़ के कारण लड़कियों ने छोड़ा स्कूल जाना

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मुकेश कुमार सिंह

सहरसा – मनचलों की छेड़खानी से तंग एकपरहा गाँव की बेटियों ने छोड़ा स्कूल। पढ़ने वाली लड़कियों के भाई ने जब छेड़खानी कर रहे मनचलों का किया विरोध तो आक्रोशित मनचलों ने लड़कियों के भाई का मारपिटाई कर तोड़ा हाथ। इस मामले में जिले के सिमरी बख्तियारपुर थाना में इन मनचलों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गई है।

जी हाँ ये वाक़्या है बिहार के सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर थाना के एकपरहा गाँव का, जहां मनचलों से तंग आकर तकरीबन तीन दर्जन लड़कियों ने पढ़ाई से नाता तोड़ स्कूल जाना छोड़ दिया है। ऐसी घटनाएं उन लड़कियों के साथ साल भर से होता आ रहा था, लेकिन ये सोंच कर लड़कियां चुप हो जाया करती थी कि शायद घर में बोलने पर माता-पिता उनकी पढ़ाई न छुडवा दे। वो लड़कियां पढ़ना चाहती थी, जब मनचलों ने अपनी आदत नहीं छोड़ी और रास्ते में पड़ने वाले सुनसान जगहों पर गंदी-गंदी फब्तियाँ और छेड़खानी ज्यादा शुरू कर दी तो इन लड़कियों ने अपने परिजन को अपने साथ हो रहे इस दुर्व्यवहार से अवगत कराया, तो उन लड़कियों के भाइयों ने जब उन मनचलों का विरोध किया तो उन मनचलों ने मिलकर लड़कियों के भाइयों के साथ मारपिटाई कर हाथ तोड़ डाला। अब गाँव के लोग और परिजन उन मनचलों पर कार्रवाई को लेकर आक्रोशित हैं।

कहते हैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बच्चियों को पढ़ने में उड़ान भरने को लेकर साइकिल तो दे दी, लेकिन उन पढ़ाई कर रही बच्चियों की सुरक्षा के बगैर सब अधूरा है। सरकार इन बेटियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी दे नहीं तो आज छेड़खानी और मारपिटाई हुई है कल कुछ और हो सकता है। जब तक सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार इन बेटियों को नहीं देती है तब तक यहाँ की बेटियां पढ़ने के लिए स्कूल नहीं जाएंगी। अब सवाल उठता है उन लड़कियों के बोर्ड के एग्जाम में अब तीन महीने शेष है, ऐसे में उनके भविष्य का क्या होगा।