न्याय की आस में दर-दर भटक रही शिक्षिका

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मुकेश कुमार सिंह

सहरसा – न्यायालय से न्याय मिलने के बाद भी नहीं मिल रहा है न्याय। जिलाधिकारी से लेकर शिक्षा विभाग के दफ्तर तक का लगा रही है चक्कर पर नहीं मिल रहा है इंसाफ, दर-दर भटक रही है महिला शिक्षिका। दरअसल मामला 2010 का है जब महिला शिक्षिका पतरघट प्रखंड के पामा 1 कन्या प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका थी और उसी स्कूल के शिक्षक से किसी बात को लेकर विवाद हुआ जिसके बाद आरोपी शिक्षक अमरेन्द्र नारायण सिंह को उनके बेटे द्वारा मारपीट और छेड़खानी का मामला सामने आया और सौर बाजार थाना में मामला भी दर्ज हुआ। 

अब लगभग आठ साल बाद जब 4 सितम्बर 2018 को न्यायालय का फैसला आया तो आरोपी शिक्षक और उसके बेटे को दोषी मानते हुए आरोपी शिक्षक को एक साल और बेटे को पांच महीने की सजा कोर्ट द्वारा सुनाई गई। सभी अधिकारी को कोर्ट के आदेश के बाद पीड़ित शिक्षिका द्वारा ज्ञापन भी सौंपा गया पर कोई कार्रवाई नहीं हुआ न ही जिला प्रशासन और न ही शिक्षा विभाग कोई कार्रवाई किया। अब पीड़ित शिक्षिका न्यायालय से न्याय मिलने के बाद किसी तरह का कार्रवाई नहीं होता देख, पीड़ित शिक्षिका अपने परिवार के साथ शिक्षा विभाग के सामने आत्मदाह की दे रही है धमकी।

पीड़िता का कहना है कि न्यायालय से तो न्याय मिला पर विभागीय कार्रवाई न होना न्यायालय का अपमान है।

जब इस बाबत जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कैमरे पर बोलने से किया इंकार। जिला शिक्षा पदाधिकारी के इस तरह के मामले में न बोलना, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि किसी तरह का कार्रवाई न होना न्यायालय का अपमान भी माना जा सकता है।