पीने वालों पर शराबबंदी बेअसर

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मुकेश कुमार सिंह

सहरसा – बिहार में शराबबंदी कानून बनने के बाद, जहाँ सूबे की सरकार इसे रोकने में सिफर हुए साबित। वहीं पीने वालों की आयी सुनामी तो वहीं जेल में प्रतिदिन पीने वालों की बढ़ने लगी आबादी। कानून सख्त लेकिन पीने वालों पर बेअसर। अब सूबे की सरकार शराब बन्द को लेकर जहां दिख रहे है सॉफ्ट वहीं शराबबंदी कानून से कई लोगों की जिंदगी हुई तंग व तबाह और बिखरा परिवार। हालांकि शराबबंदी के बाद सहरसा जेल में बंद अभी तक 18 लोगों को सजा मिल चुकी है। जिसमें पांच का बेल हाईकोर्ट पटना से हुई है। तकरीबन 13 लोग जेल में सजा काट रहे है।

जिसमें सिमरी बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के वॉर्ड नंबर 11 मुसहरी टोला निवासी 22 वर्षीय सकलदेव सदा, 02.11.2016 के शाम को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया था जिसका केस नंबर 309/16 था। लेकिन पंद्रह दिन के बाद बेल पर छुटा था। उसके बाद फिर सकलदेव सदा को 2017 में पुलिस ने नशे की हालात में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जिसका केस नंबर 313/17 था और तीन महीने के बाद बेल पर छूटकर बाहर आया था। पहला केस 309/16 माननीय न्यायालय ने 6 साल की सजा और दूसरा केस 313/17 में 7 साल की सजा मुकर्रर करते हुए दस लाख जुर्माने की रकम सुनाई।

बता दें कि सकलदेव की मालिय हालात जिसकी नही दे रही है इजाजत। वहीं पिता आंख से है अंधा और माता भी है बेबस और लाचार। सकलदेव के चार बच्चे हैं जिसे दो जून की रोटियाँ भी ससमय नही होता है नसीब। घर की हालात और आठ लोगों की जिंदगी के चक्की को खिंचता था सकलदेव।लेकिन सकलदेव की सजा का ऐलान होते ही पूरे परिवार की हालत बद से हुई बदतर। वहीं परिजन सरकार को कोसते हुए अपनी मालिय हालात पर बहा रहे है आंसू।