मौत के घाट उतार दिया गया था इनके बेटों को – आज उनके संघर्ष को किया गया सलाम

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गया – कुछ गम ऐसे होते हैं जो कभी नहीं भरते. वक्त भी यहाँ मरहम नहीं लगा पाता. बस अन्दर ही अन्दर एक कठोरता आ जाती है क्यूंकि इंसान जानता है कि वह हालात के आगे बेबस है. पर अगर गम को गम का साथ मिले तो एक संबल जरुर मिलता है इस एहसास के साथ कि दुखियारे सिर्फ वे ही नहीं, और भी लोग हैं जो उनके दुःख से भी बड़े दुःख का पहाड़ ढो रहे हैं. पर दुःख में भी न्याय के लिए संघर्ष कायम रखना उससे भी बड़ी बात होती है. जिले में आज गाँधी परिषद के द्वारा संघषर्रत गया रोडरेज में हुए आदित्य हत्याकांड और सिवान के बहुचर्चित तेजाब कांड के परिवारों के सम्मान में की गई आम सभा.  

गया के आजाद पार्क में गाँधी परिषद के द्वारा आदित्य हत्याकांड में संघषर्रत उनके पिता श्याम सचदेवा और माँ चंदा सचदेवा तथा सिवान के बहुचर्चित तेजाब कांड में अपने दोनों बेटों को गंवाने वाले चंद्रकेश्वर प्रसाद, जो दोषियों को सजा दिलाने के लिए संघषर्रत रहे, इन दोनों परिवारों के संघर्ष को गाँधी परिषद द्वारा सम्मान किया गया. 

इस मौके पर चंद्रकेश्वर प्रसाद उर्फ़ चंदा बाबू ने कहा कि यहाँ हमें इसलिए बुलाया गया है क्यूंकि गाँधी परिषद में हम लोगों ने ऐसे दबे-कुचले लोगों की वास्तविकता रखी है जिससे लोगों पर प्रभाव पड़े और संस्था से लोग जुड़े. जिस समय सिवान में मेरे साथ घटना घटी थी, उस समय हम चार महीने तक लापता रहे. जब हमको यह खबर मिली कि सिवान आने के बाद हमें मार दिया जायेगा तो चार महीना खुद हम लापता रहे, हम सभी जगह दौड़ते रहे, लालू यादव के पास भी गए तो वहां से नकारात्मक जवाब मिला फिर हमने सोचा कि हम अब किसी से कुछ नहीं कहेंगे, जो बच गया है, उसे ही बचा लिया जाए. उसके बाद रोज पैदल जाना-आना सभी जगह लगा रहा. 5 हजार रुपया हमारे पास था जो हनुमान मंदिर में सोते वक्त किसी ने निकाल लिए. हमें कोई भी मदद करने से डरता था कि कहीं उनकी भी हत्या न हो जाए. उस समय सरकार और मीडिया का हमें भरपूर सहयोग मिला और मुझे इंसाफ मिला. 

वहीं गया के आदित्य के माता-पिता ने बताया कि गाँधी परिषद की एक पहल है पूरे समाज को और देश को रौशनी देने की – ये पहल है इंसाफ के लिए और न्याय के लिए लड़ने वाले लोगों को जागृत करने की जिसके लिए यह संस्था काम कर रही है. श्याम सचदेवा ने कहा कि मैं चाहता हूँ कि यह संस्था आगे बढ़े और देश में एक रौशनी दे, हमें इसलिए बुलाया गया क्योंकि हम लोग न्याय के लिए आगे बढ़े थे, जो न्याय मिला हमलोगों को वह आगे बढ़ने से ही मिला और हमें यहाँ की सरकार से इस मामले में पूरा सहयोग मिला है, इस केस के माध्यम से पूरे देश को एक नई रौशनी मिली है और लोगों के मन में न्याय की उम्मीद बढ़ी है. इस पूरे प्रकरण में मीडिया का सहयोग भी पूरा मिला है.