समाज के अंतिम पंक्ति में रह रहे लोगों पर विशेष ध्यान देने का सीएम नीतीश ने दिया निर्देश- अनुपम कुमार

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PATNA: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर सचिव सूचना एवं जन-सम्पर्क अनुपम कुमार, सचिव स्वास्थ्य लोकेश कुमार सिंह, अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस मुख्यालय जितेन्द्र कुमार और अपर सचिव आपदा प्रबंधन रामचंद्र डू ने कोरोना संक्रमण से उत्पन्न हालात और लॉकडाउन अवधि में लोगों को प्रदान की जा रही राहत के संबंध में सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की अद्यतन जानकारी दी.

सचिव सूचना एवं जन-संपर्क अनुपम कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण की जो वर्तमान स्थिति है, उस पर नजर रखी जा रही है. मुख्यमंत्री के स्तर से उसकी प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है और सभी आवश्यक कदम उठाये जा रहे हैं. कल हुई समीक्षात्मक बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि चूंकि काफी समय से लाॅकडाउन चल रहा है इसलिए समाज की अंतिम पंक्ति में रह रहे लोगों पर विशेष ध्यान दिए जाने की जरूरत है.

सरकार द्वारा अत्यन्त निर्धन एवं गरीब परिवारों को उपलब्ध करायी जा रही सहायता का पूरा लाभ उन्हें मिल रहा है या नहीं, इस संबंध में सभी जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि जनप्रतिनिधियों से समन्वय कर यह सुनिष्चित करें कि जो भी जरूरतमंद परिवार हैं, उन तक सरकार की योजनाओं का सही लाभ पहुॅचे.

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से निर्देश दिया है कि पीडीएस से सही मात्रा में नियमित रूप से लोगों को राशन प्राप्त हो सके.
अनुपम कुमार ने बताया कि राशन कार्ड विहीन सुयोग्य परिवारों को जल्द से जल्द राशन कार्ड निर्गत हो सके, इसके लिए अनुमंडलों में बड़ी संख्या में ऑपरेटरों को लगाया गया है. इसके लिए सर्वे का काम लगभग पूरा हो चुका है. अभी तक 1 करोड़ 35 लाख से कुछ ज्यादा राशन कार्डधारी परिवारों को 1,000 रूपए की राशि उनके खाते में भेज दी गयी है.

इसके अलावा जीविका और एनयूएलएम द्वारा चिन्हित राशन कार्ड विहीन परिवारों में से अभी तक 18 लाख 5 हजार परिवारों को भी 1,000 रूपये की राशि उनके बैंक खाते में भेजी जा चुकी है और यह प्रक्रिया निरन्तर चल रही है. उन्होंने बताया कि 8 लाख 88 हजार राषन कार्ड विहीन परिवारों के नए राशन कार्ड बनाये जा चुके है.

अनुपम कुमार ने बताया कि बाहर से आने वाले इच्छुक प्रवासी लोगों को जल्द से जल्द बिहार लाने के लिए हर मुमकिन कोशिश की जा रही है. बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक बिहार आ रहे हैं. आज 85 ट्रेनें देश के अलग-अलग हिस्सों से बिहार पहुँच रही हैं, जिनमें 1 लाख 40 हजार 250 लोग ट्रेवेल कर रहें हैं. कल के लिए 87 ट्रेनें शिड्यूल्ड की गयी हैं. इन ट्रेनों से 1 लाख 43 हजार 550 लोग ट्रेवेल करेंगे. अन्य राज्यों से बिहार आने के इच्छुक हर प्रवासी मजदूर को सरकार बिहार लाने के लिए प्रतिबद्ध है.

मुख्यमंत्री ने अपील की है कि घबराए नहीं धैर्य रखें सभी इक्छुक लोगों को बिहार लाया जाएगा. इसके लिए पूरी व्यवस्था की जा रही है. सभी जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को साफ तौर पर निर्देष दिया गया है कि कोई भी प्रवासी पैदल चलते दिखे तो उन्हें वाहनों के माध्यम से उनके गंतव्य तक पहुंचाया जाय. आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्रखण्ड क्वारंटाइन सेंटर की व्यवस्था के लिए एसओपी बनाया गया है, उसके मुताबिक लोगों को आवश्यक मदद दी जा रही है. सरकार पूरी क्षमता से काम कर रही है.

सचिव सूचना एवं जन-सम्पर्क अनुपम कुमार ने बताया कि लॉकडाउन के कारण शहरी इलाकों में रहने वाले जरूरतमंद व्यक्ति/ठेला वेंडर्स/रिक्शा चालकों और दिहाड़ी मजदूरों की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए आपदा राहत केंद्र चलाए जा रहे आपदा राहत वर्तमान में आपदा राहत केंद्रों की संख्या143 है, जिसका 75,757 लोग लाभ उठा रहे हैं. बाहर से काफी संख्या में आ रहे प्रवासी मजदूरों का कारण ब्लॉक क्वारन्टाइन केंद्रों की संख्या बढ़कर 10,353 हो गई है, जिसमें 7 लाख 45 हजार 881 लोग आवासित हैं. लॉकडाउन में बाहर फंसे लोगों से अब तक 2 लाख 20 हजार कॉल/मैसेजेज प्राप्त हुए हैं. प्राप्त कॉल/मैसेजेज के आधार पर सम्बंधित राज्य सरकारों और प्रशासन से समन्वय स्थापित कर उनकी समस्याओं का हरसंभव समाधान करवाया जा रहा है.