बिहार के कॉलेजों में नए सत्र से लागू होगा सेमेस्टर सिस्टम

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पटना: अब बिहार के कॉलेजों में नए सत्र 2017 से सेमेस्टर सिस्टम लागू होगा। इंजीनियरिंग, मेडिकल, मैनेजमेंट के तर्ज पर स्नातक (ग्रेजुएशन) के लिए छह-छह महीने के छह सेमेस्टर होंगे। एक साल में होने वाली परीक्षा भी छह-छह महीने के अंतराल में होगी और छात्र-छात्राओं को उसमें क्वालिफाइ करना होगा। साथ ही स्नातक स्तर से ही च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम भी लागू किया जायेगा।

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इसमें साइंस, आर्टस व कॉमर्स विषय की बाध्यता खत्म होगी। शिक्षा विभाग इसे लागू करने की तैयारी कर रहा है। पहले स्नातकोत्तर (पीजी) स्तर पर इसे लागू करने की तैयारी की गयी थी, लेकिन सरकार ने अब सभी कॉलेजों में स्नातक ग्रेड से ही इसे लागू करने की तैयारी कर रही है। कॉलेजों में सेमेस्टर सिस्टम और च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम लागू करने के लिए शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा परिषद (रूसा) को इसका खाका तैयार करने का निर्देश दिया था। रूसा ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है।

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19 दिसंबर को शिक्षा मंत्री डॉ अशोक चौधरी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में इसे रखा जायेगा। कॉलेजों में अब तक तीन साल के ग्रेजुएशन में एक-एक साल का पार्ट वन, टू व थ्री होता है। अब इन तीनों सालों को छह सेमेस्टर में बांटा जायेगा। किसी सेमेस्टर में अगर छात्र क्वालिफाइ नहीं कर पाते हैं तो उन्हें अगले सेमेस्टर में उसे क्लीयर करना होगा। स्नातक के सारे विषयों में सेमेस्टर सिस्टम लागू किया जायेगा।

इस पर अंतिम रूप से फैसला रूसा की बैठक के बाद शिक्षा विभाग लेगा। वहीं, च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम भी लागू किया जाएगा। इसमें साइंस, आर्टस व कॉमर्स विषय की बाध्यता खत्म होगी। अगर कोई छात्र गणित ऑनर्स कर रहा है, तो साइंस ही नहीं वह चाहे तो आर्टस  के भी विषय साथ में रख कर पढ़ सकेगा। वहीं, आर्टस से ऑनर्स करने वाले छात्र-छात्राएं साइंस व कॉमर्स के भी सब्जेक्ट भी रख सकेंगे। इसमें ग्रेजुएशन के तीन सालों के दौरान छात्र-छात्राओं को 120 क्रेडिट भी क्वालिफाइ करना होगा।

हर सेमेस्टर में 20 क्रेडिट निर्धारित किए जाएगें। 20 में से 18 क्रेडिट लाना आवश्यक होगा। अगर किसी छात्र ने मगध विवि में एक साल की पढ़ाई पूरी कर ली है और किसी कारणवश उसे ललित नारायण मिथिला विवि या किसी अन्य विवि में पढ़ने के लिए जाना पड़ता है तो उस छात्र के साथ उसके एक साल के क्रेडिट भी जाएंगे। साथ ही वह नए विवि में बाकी के क्रेडिट की पढ़ाई कर सकेगा।