सेनारी नरसंहार: दस को फांसी और तीन को आजीवन कारावास की सजा

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पटना:  बिहार के बहुचर्चित सेनारी नरसंहार मामले में मंगलवार को फैसला सुनाया गया, जिसके तहत दोषियों को 10 को फांसी और तीन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जहानाबाद जिला कोर्ट के एडीजे थ्री रंजीत कुमार सिंह ने सजा सुनाते हुए दस दोषियों को फांसी जबकि तीन को उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही तीन दोषी जिनको आजीवन कारावस की सजा सुनाई गई है पर एक-एक लाख रुपए का आर्थिक दंड भी लगाया गया है।

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बचेस सिंह, बुचन यादव, बुटाई यादव, सत्येंद्र दास, लल्लन पासी, गोपाल साव, दुखन पासवान, करीमन पासवान, जोराई पासवान, उमा पासवान. कोर्ट ने इस नरसंहार और अपराध को रेयरेस्ट ऑफ द रेयर मानते हुए इन दोषियों को फांसी की सजा सुनाई।

अरविंद कुमार, मुंगेश्वर यादव, विनय पासवान….उम्रकैद की सजा सुनाने से पहले कोर्ट ने इन तीनों दोषियों को कम उम्र का हवाला देते हुए इन्हें राहत दी लेकिन तीनों को एक-एक लाख रूपए का अर्थदंड भरना होगा।

इससे पहले जहानाबाद सेनारी नरसंहार मामले में 27 अक्टूबर को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने 15 लोगों को दोषी करार दिया था जबकि इस मामले में 23 लोगों को बरी भी किया गया था।

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फैसले की तिथि निर्धारित होने के बाद पूरे जिले के लोगों की निगाहें न्यायालय पर टिकी हुई थी। वहीं इस फैसले को लेकर एसपी दिलीप कुमार मिश्रा कुर्था, करपी और वंशी थाने को अलर्ट किया था। 18 मार्च 1999 को हुई इस घटना में 34 लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।