Exclusive: सुशांत के रूममेट ने दिया रिया का साथ

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पटना: सुशांत सिंह राजपूत के करीबी मित्र और रूममेट सिद्धार्थ पिठानी उर्फ़ बुद्धा ने सुशांत की मौत से जुड़े घटनाक्रम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि: “जो भी कुछ हुआ था उस दिन एक बंद कमरे में हुआ, मेरे आंखों के सामने नहीं हुआ, जब मैं सुबह उठकर नीचे आया तो मेरे काम वाले (नौकर) ने मुझे जानकारी दी कि दरवाजा अब तक बंद है आप नॉक कर पूछकर बताएं कि वो नाश्ते में क्या लेंगे. फिर लंच के समय तो हमने बहुत समय तक दरवाजा खटखटाया पर मुझे कुछ ऐसा उस समय महसूस नहीं हुआ, एक घन्टे बीतने के बाद मुझे कुछ गड़बड़ महसूस हुआ. चूँकि दरवाजा बंद था इसलिए हमने तुरंत चाभी वाले को बुलाया, उनकी बहन से बात हुई थी इस बारे में, चाभी वाला आया उसके आने के बाद जो दरवाजा अंदर से लॉक था उसको बाहर से खोला गया, उसके बाद चाभी वाले को भेजने के बाद मैं कमरे में अंदर गया तो देखा कि वो सुसाइड कर चुका था।”

जनवरी से सुसाइड तक वो किस प्रकार की स्थिति में थे इस पर इनका कहना है कि वैसे तो वो बहुत खुश था पर कुछ इमोशनली उसके साथ हुआ था, वह समय उसके लिए दुख भरा था और ज्यादातर समय उनका वे अपने दोस्तों के साथ ही बिताते जैसे रिया, और भी दोस्त जब उनके आते थे उनके साथ वे काफी समय व्यतीत करते थे. सुशांत उनके साथ काफी इमोशनल बातें करते थे लेकिन कभी झगड़ा जैसी स्थिति उतपन्न नहीं हुई थी।

8 तारीख को रिया के छोड़कर जाने पर इनका कहना था कि “मैं सुशांत को एक प्रोफेशनल फ्रेंड की तरह ही जनता था और हम दोनों के बीच कलीग जैसे सम्बन्ध थे और एक कलीग होते हुए और एक प्रोफेशनल होने के नाते मैं कभी भी उनके बीच क्या चल रहा है, वो क्यों दुखी थे ये नहीं पूछ पाता था और उन्होंने कभी मुझे कुछ बताया भी नहीं।”

पिठानी ने बताया कि सुशांत को वे एक साल से जानते थे। पिछले साल अप्रैल माह में उनकी उनसे मुलाकात हुई थी और उन्हें कभी ये नहीं पता चला कि उनकी तबीयत खराब है और उनका मेडिकल ट्रीटमेंट चल रहा है. बताया “क्योंकि वो मुझसे सभी कुछ शेयर नहीं करते थे लेकिन जनवरी में मुझे कुछ ऐसा लगा कि इनके साथ कुछ ठीक नहीं है क्योंकि वो उस समय बहुत दुखी रहते थे जिस कारण बीच में उनका स्वास्थ्य भी खराब हुआ था, बीच में उस समय मैं वहां नही था, उस समय रिया और रिया के मम्मी-पापा ही देख-रेख करते थे।”

“रिया उनकी गर्लफ्रेण्ड थीं ये बात खुद रिया भी बोलती थी, सुशांत उनका बॉयफ्रेंड था तो उनके बॉयफ्रेंड का ध्यान रखने के लिए कोई नही था, सुशांत की बहन लोग आए थे उनके पास लेकिन सुशांत उनके साथ जाना पसंद नहीं किये।”

पिठानी ने रिया का पक्ष लेते हुए कहा कि “एक बात बहुत बुरी लग रही है कि जो तुम्हारा एक छोटे बच्चे की तरह ध्यान रखा, खाना खिलाया, खाना बनाने वाले को सख्त  निर्देश दिया कि इनको हेल्दी खाना दो, कई महीने तक ध्यान रखा उसके लिए लोग ऐसी बात कह रहे हैं। ”

“ये मेरा निजी राय है कि जिसने उनका ऐसे समय में ध्यान रखा उनके साथ उनके लोग ऐसे व्यवहार कर रहे हैं, ये मैं नही समझ पा रहा हूँ।”

पिता और बहन के लगाए आरोप पर इनका कहना है कि “ये मुझे पता नहीं कि पहले क्या हुआ होगा, इस बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं थी, अगर उस एंगल से इंवेस्टिगेट होने की जरूरत है तो होनी चाहिए लेकिन जो मेरे सामने चीजे खुली हैं उसको देखते हुए मैंने कही है ये बातें।”

मुंबई पुलिस को पत्र लिखे जाने के सवाल पर इनका कहना था कि “हाँ मैंने एक कॉपी फाइल किया है मुंबई पुलिस के समक्ष, 27 जुलाई को मुझे एक फोन आया था सुशांत के परिवार के तरफ से कि तुम एक कॉन्फ्रेंस कॉल पर हो और ये सभी मेरे फैमिली फ्रेंड हैं और अभी तुम रिया के बारे में अपना बयान दो ताकि हम रिया के ऊपर केस कर सकें, तुम पुलिस को ये बताओ कि 15 करोड़ रुपये एकाउंट से गायब कराया गया है पर ऐसी जानकारी मेरे पास नहीं थी जिस वजह से ये बातें मैने उन्हें नही बताया, अपने बयान में अगर मैं किसी के कहने पर बयान देता तो समस्या हो सकती थी इसलिए मैंने लेटर के माध्यम से ये जानकारी मुंबई पुलिस को दी है।”

केस पर राय देते हुए कहा कि “सुशांत मेरे अच्छे दोस्त थे और मैं उनके साथ एक साल रहकर बहुत कुछ सीखा हूँ, उनका सिखाया हुआ मुझे आगे के जीवन में काम आने वाला है तो मैं यहीं चाहता हूं कि जो भी इन्वेस्टीगेशन कर रहे हैं वो सच के करीब रहे और एक सच्चाई के एंगल से उनको देखे, किसी राजनीतिक या किसी रिवेंज के एंगल से न देखे, वैसे तो बहुत चीजें होंगी आगे पर अंत में सच्चाई की जीत होनी है और हमे इस सिस्टम पर और पुलिस पर पूरा भरोसा है।”

रिया के स्थिति को लेकर इनका कहना था कि “मेरी बात नहीं हुई है रिया से पर ऐसा मानना है मेरा कि वो जहां है अच्छे से होगी इस समय, सबको दोस्तों की जरूरत है, सुशांत और रिया दोनों के परिवार पर इस घटना का बहुत ज्यादा प्रभाव पड़ा है।”