सुपौल में शिक्षकों ने किया शिक्षा मंत्री का पुतला दहन

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चार माह से वेतन के लिए तरस रहे शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका

सुपौल– सरकार के शिक्षा और शिक्षक विरोधी नीति के खिलाफ बिहार पंचायत-नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ सुपौल के बैनर तले गुस्साए शिक्षकों ने लौहिया चौक के समीप बिहार सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा का पुतला दहन किया। कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे जिलाध्यक्ष पंकज कुमार सिंह ने कहा कि सरकार के शिक्षा और शिक्षक विरोधी नीति के चलते बिहार की शिक्षा व शिक्षा का रीढ़ शिक्षक दोनों तबाही के कगार पर हैं। एक तरफ जहां सत्र के शुरुआत के पांच माह बीत जाने के बाद भी बच्चों को किताब मयस्सर नही हुआ है, तो दूसरे तरफ चार माह से वेतन नहीं मिलने की वजह से शिक्षक/शिक्षिकाओं की जानें जा रही हैं। 18 माह के दौरान लगभग आधा दर्जन शिक्षक/शिक्षिकाओं को वेतन अभाव में जान गंवानी पड़ी है।

इसी कड़ी में विगत 26 अगस्त को प्राथमिक विद्यालय सिसोनी की नवनियोजित शिक्षिका चिंदम्बरा सपना को भी जान गँवानी पड़ी। केंद्र से 1 माह पूर्व राशि आने के बाद भी अभी तक वेतन भुगतान न होना चिंता का विषय है। 2015 में दिए गए वेतनमान का सेवा शर्त दो वर्षों में भी सरकार नही बना पाई। सरकार के हर कार्य में कोल्हू के बैल की तरह खटने वाले नियोजित शिक्षक के साथ दूसरे दर्जे का व्यवहार कर अंग्रेजी शासन की याद ताजा कर रहे हैं। अब हम लोग सरकार की तानाशाही, शोषणवादी और गरीब विरोधी नीति के खिलाफ चुप रहने वाले नहीं है। जल्द ही सभी समस्याओं का समाधान नहीं होता है, तो चरणबद्ध तरीके से आंदोलन किया जाएगा। इतना ही नहीं गांव-गाँव जाकर गरीब, मजदूर, किसान को बताएंगे कि सरकार किस तरह किताब न देकर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।

इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष रौशन कुमार, श्रवण चौधरी, अनिल कुमार, नीरज कुमार सिंह, राकेश कुमार रंजन, बिनोद कुमार यादव, बिजय कुमार भारती, प्रशांत झा, सोनू झा, दुर्गेश चौधरी, रबिन्द्र कुमार, एहतेशामूल हक, पंकज विश्वास, विजेंद्र राम, अजित सिंह, संतोष कुमार, राजकुमार शर्मा, कलीम, शिवनारायण राम, रूपेश कुमार पांडेय, दिनेश कुमार दिनकर, कुणाल पट्टेल, शाकिर अहमद सहित सैकड़ो शिक्षक/शिक्षिकाएं मौजूद थे।