सुशील मोदी को संसदीय प्रणाली तार-तार करने के लिए माफ़ी माँगनी चाहिए – तेजस्वी यादव

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पटना – 4 दिवसीय राष्ट्रमंडल संसदीय संघ सम्मेलन का आज ऐतिहासिक नगरी पाटलिपुत्र के ज्ञान भवन में हुआ आगाज। सम्मेलन में कुल 52 देशों के प्रतिनिधियों ने किया शिरकत। सम्मेलन में बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी के भाषण के दौरान आरजेडी नेता ने किया हंगामा। जब सुशील मोदी ने भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया तो विपक्षियों ने बोला हमला।

एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर तेजस्वी यादव ने कहा है कि पटना में दागियों के सरगना सुशील मोदी ने 52 देशों के प्रतिनिधियों के सामने बिहार को कलंकित करने का घृणित कृत्य किया है। बिहार के सबसे बड़े फ़ोर ट्वेंटी भाजपाई नेता सुशील मोदी ख़ुद अनेकों मामलों में दाग़ी है। ये सबसे बड़े घोटालेबाज़ है।

अल्प ज्ञानी सुशील मोदी ने राष्ट्रमंडल संसदीय संघ सम्मेलन में यह क्यों नहीं बताया की बिहार के मुख्यमंत्री पर संगीन हत्या का मामला दर्ज है? मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक JNU छात्र की थीसिस चुराने के आरोप में सज़ायाफता है। बिहार की मंत्रिपरिषद में 75 फ़ीसदी मंत्री दाग़ी है।

सुशील मोदी ने यह क्यों नहीं बताया कि नीतीश के नेतृत्व में बिहार मे रिकॉर्डतोड़ 40 घोटाले हुए है? यह क्यों नहीं बताया कि उनकी बहन और उन्होंने सृजन घोटाले का करोड़ों निगल लिया। अपना काला भ्रष्टाचार छिपाने के लिए सुशील मोदी ने इस मंच का प्रयोग किया। चोरों का चोर ईमानदारी बतिया रहा है।

सुशील मोदी को संसदीय प्रणाली तार-तार करने के लिए माफ़ी माँगनी चाहिए। मुख्यमंत्री से मौनी बाबा बने नीतीश कुमार जी को भी इस घटना पर मुँह खोलना चाहिए कि क्या मजबूरी है कि उन्होंने ऐसे तर्कहीन गालीबाज़ व्यक्ति को उपमुख्यमंत्री बना रखा है?