एक शहीद पिता का दर्द, अब और कितने होंगे शहीद

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गया: कश्मीर के उरी में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों में बिहार के गया का भी एक लाल है। गया के परैया प्रखण्ड के बोकनारी गांव के शहीद सुनील कुमार विद्यार्थी की खबर के बाद पूरे गांव में गम का माहौल है।

शहीद सुनील कुमार विद्यार्थी के पिता मथुरा प्रसाद यादव ने सरकार से आर पार की लड़ाई लड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा की बेटे की शहादत का गम है, लेकिन और कितने शहीद होंगे। साथ ही उनकी बेटी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि सेना पर हमला करने वालों का मुंहतोड़ जवाब मिलना ही चाहिए।

गया के चंदौती के विष्णुद्धार के सामने स्थित किराये के मकान में पूरा परिवार उनकी सलामती का इंतजार कर रहा था। सुनील मूल रूप से परैया प्रखंड के बोकनारी गांव के रहने वाले थे। इनके पिता मथुरा प्रसाद किसान हैं। चार भाइयों में सुनील ही नौकरी करने वाले थे। घरवालों को दी गई जानकारी के मुताबिक शहीद का पार्थिव शरीर पहले दिल्ली और उसके बाद दानापुर ले जाया जाएगा।

बता दें कि कश्मीर के उरी में हुए हमले में गया के रहने वाले हवलदार सुनील कुमार विद्यार्थी की स्थिति की जानकारी रविवार देर रात तक उनके घरवालों को नहीं मिल सकी थी। सुनील के साले शिवशंकर कुमार ने बताया था कि शाम करीब छह बजे उनकी बहन किरण कुमारी (सुनील की पत्नी) के मोबाइल पर श्रीनगर से फोन आया कि एसके विद्यार्थी हमले में शहीद हो गए हैं। इससे पहले की पूरी जानकारी मिल पाती, फोन कट गया। इसके बाद से घरवाले परेशान थे, कई दफा श्रीनगर फोन किया गया लेकिन सही जानकारी नहीं मिल पायी।

रात में डीएम कुमार रवि को भी फोन कर घरवालों ने सुनील की स्थिति जाननी चाही लेकिन, डीएम के पास भी इस संबंध में कोई सूचना नहीं थी। सुनील के साथ काम करने वाले एक साथी ने फोन कर पता लगाया तो मालूम हुआ कि सुनील हमले में घायल थे।

सुनील के शहीद होने की खबर से पूरा बोकनारी गांव उनके घर के बाहर जमा हो गया। सुनील 1999 में सेना में भर्ती हुआ था। उनकी पत्नी किरण देवी चार बच्चो आरती, अंशु, अंशिका और आर्यन के साथ गया के चंदौती में रहती हैं।