चार दशकों से साम्प्रदायिक सौहार्द का प्रतीक है ये मजार

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मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिला में स्थित दाता शाह का मजार पिछले 43 सालों से तिरहुत इलाके में साम्प्रदायिक सौहार्द का प्रतीक बन चुका है। पिछले 43 सालों की तरह इस बार भी इस मजार पर उर्स का आयोजन किया गया है। आयोजन में सभी धर्मों के लोग बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं।

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देश के अमन चैन के लिए इस मजार पर समाज के विभिन्न वर्ग से जुड़े लोग चादरपोशी करते हैं और आपसी भाईचारा और सामाजिक सौहार्द के लिए दुआयें करते हैं।

मजार की सबसे अहम बात यह कि इसके अध्यक्ष से लेकर संचालन करने वाले तक सभी हिंदू हैं। कमिटि के अध्यक्ष सहित महत्वपूर्ण सदस्य पिछले 43 सालों से हिन्दू समुदाय से आते हैं और एक साथ समाज के सभी धर्मों के लोग मजार पर चादरपोशी करते हैं।

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कहा जाता है कि फकीर मुजफ्फरपुर शाह के नाम पर ही मुजफ्फरपुर शहर का नाम पड़ा है। इस मजार की खासियत यह है कि यहां मुजफ्फरपुर सहित देश के दूसरे हिस्सों से भी किन्नरों की टोली चादरपोशी के लिए पहुंचती है।

शहर के पुरानी बाजार रोड में मुख्य सड़क के बीचोबीच पड़ने वाले मजार के पास लोग अपनी मुरादें मांगने के लिए भी दुआ करते हैं। इस साल भी मजार की कमिटि में शामिल हिन्दू-मुसलमान और सिख ने एक साथ मिलकर देश में अमन चैन और समाजिक सौहार्द के लिए दुआयें की है।