फल्गु नदी में डूबने से तीन मासूम बच्चों की मौत

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जहानाबाद- प्रखंड क्षेत्र के सुकियावां स्थित फल्गु नदी में चार बच्चों की डूबने की घटना से इलाके में दहशत कायम हो गया है। डूबने वाले चारों बच्चे लोदीपुर गाँव के थे। तीन बच्चों की मृत्यु घटनास्थल पर ही हो गयी तथा एक बच्चे को इलाज के लिए घोषी पीएचसी ले जाया गया जहां से उसे सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।

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घटना के संबंध में बताया जाता है कि छठ पर्व को लेकर लोदीपुर गाँव के राजू पांडेय के घर में उनके भांजे अंकित पांडेय (12 वर्ष), देव पांडेय (8 वर्ष) पिता संजय पाण्डेय, ग्राम मनीचक, थाना इस्लामापुर (नालंदा) तथा भोला कुमार (8 वर्ष) पिता रंजीत पांडेय, ग्राम मनीचक (नालंदा) से आये हुए थे। छठ पर्व के अवसर पर अंकित पांडेय एवम देव पांडेय का मुंडन की मनौती सुकियावां सूर्य मंदिर पर होना था।

आज सुबह करीब 6:30 बजे अंकित, देव, भोला के साथ आयुश पांडेय (10 वर्ष) पिता राजू पांडेय, ग्राम लोदीपुर, हुलासगंज के साथ घर वालों से चुपके नदी में स्नान करने की नियत से निकल गए। जैसे ही वे लोग नदी में स्नान करने के लिए उतरे तभी चारो बच्चे ज्यादा पानी में होने की वजह से डूब गए। चूँकि उस समय घटना स्थल के आसपास अन्य लोग मौजूद नही थे इसलिए उन्हें बचाया नहीं जा सका। दूर शौच कर रहे एक व्यक्ति ने जब उन्हें डूबते हुए देखा तो वो दौड़ा और बचाने के लिए चिल्लाने लगा पर तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चार में से तीन बच्चें डूब चुके थे पर एक बच्चा भोला पांडेय को किसी तरह बचा लिया गया जिसे इलाज के लिए घोषी पीएचसी ले जाया गया जहाँ से उसे जहानाबाद रेफर कर दिया गया। बाकी तीन मर चुके बच्चों को घोषी थाना ने अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जहानाबाद भेज दिया है।

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घटना को लेकर आसपास के ग्रामीणों ने बताया कि बालू उत्खनन में लापरवाही के कारण तीनो बच्चों की मृत्यु हुई है। ग्रामीणों ने बालू ठेकेदारों और खनन विभाग को दोषी मानते हुए कार्रवाई की मांग की है। यहाँ आपको बताते चलें कि पिछले वर्ष दशहरा के समय भी सुल्तानपुर (खिजरसराय) घाट पर भी जारु गाँव के पांच लोगों की मौत हो गयी थी परंतु इसके बाद भी अवैध बालू खनन पर रोक नहीं लगाई गई और आज भी सीमांकन से ज्यादा बालू का खनन चालू है और न जाने और कितनी जाने जाएंगी।