पीएम मोदी की नेतृत्व में भारत की कृषि का कायाकल्प और किसानों का कल्याण है सुनिश्चित- नित्यानंद राय

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PATNA: केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने शुक्रवार को कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की कृषि का कायाकल्प और किसानों का कल्याण सुनिश्चित है. हम सभी जानते हैं कि भारत की आत्मा किसानों में बसती है जिनके विकास के लिए मोदी सरकार सतत् संकल्पित और चिंतित है.

नित्यानंद ने कहा कि केन्द्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आज के प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिस तरह से कृषि और किसानों से जुड़े हर पहलू पर अलग-अलग विस्तार से प्रकाश डाला उसकी जितनी प्रशंसा की जाए कम है. केन्द्र सरकार ने कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर, फूड प्रोसेसिंग, फिशरीज़, पशुपालन, हर्बल खेती, मधुमक्खी पालन, ऑपरेशन ग्रीन, कृषि में निवेश और प्रोडक्ट की बिक्री आदि सभी को प्रोमोट करने के लिए फंड की व्यवस्था किया है. बिहार में मखाने, कर्नाटक में रागी और मोटा धान, तेलंगाना में हल्दी आदि के क्लस्टर विकसित कर लोकल के लिए वोकल और फिर ग्लोबल के विजन को साकार करने में मदद मिलेगी.

नित्यानंद राय ने कहा कि देश भर के दुग्ध उत्पादकों, पशुपालकों, मत्स्यपालन के लिए भी प्रधानमंत्री जी के निर्देश पर खास योजना बनाई गई है. एकमुश्त 5,000 करोड़ रुपये का पशुपालन बुनियादी ढांचा विकास कोष शुरू किया जाएगा जिससे पशुपालन से जुड़े लोगों को मदद मिलेगी. पशुओं में फुट एंड माउथ डिजीज और ब्रुसेलोसिस के लिए राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 13,343 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.

उन्होंने कहा मत्स्यपालन को बढ़ावा देने के लिए 20,000 करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की योजना शुरू की है जिससे 55 लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है. 500 करोड़ रुपये मधुमक्खी पालन पर खर्च किए जाएंगे जिससे दो लाख से ज्यादा मधुमक्खी पालकों को इससे मदद मिलेगी.

केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लिए पीएम ने सप्लाय चेन और टेक्नोलॉजी सुधारों का जिक्र किया था. भारत के किसानों ने हमेशा विपरीत हालात में अपनी क्षमता दिखाई है. आज की तारीख में भारत दूध, जूट का नम्बर वन उत्पादक है और यही नहीं गन्ने कपास समेत कई उत्पादों का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है.

नित्यानंद ने कहा कि सबसे बड़ी बात कि एमएसपी के लिए 74,300 करोड़ दिए गए हैं और पीएम किसान फंड के तहत किसानों को 18700 करोड़ रुपये दिए गए हैं. भंडारण की कमी होने के कारण किसानों को परेशानी होती है जिसको देखते हुए कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक लाख करोड़ रुपये दिए गए हैं. माइक्रो फूड एंटरप्राइजेज (एमएफई) के लिए सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये की योजना शुरू की है. यह योजना पीएम के ‘वोकल फॉर लोकल’ मुहिम को बल देगा.