न्याय के लिए नौ साल से भटक रही बिन ब्याही मां

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कटिहार: एक बिन ब्याही मां नौ साल से बेटी को लेकर न्याय पाने के लिए दर-दर भटक रही है। मामले में बारसोई एसडीपीओ चद्रिका प्रसाद की ओर से आरोपी को गिरफ्तार करने का भी आदेश दिया गया है। लेकिन तत्कालीन थानाध्यक्ष तथा अनुसंधान कर्ता की लापरवाही से आजतक आरोपी फरार है और आजमनगर की पीड़िता को आजतक न्याय नहीं मिला।

इस संबंध में वर्तमान थानाध्यक्ष टुनटुन पासवान तथा अनुसंधानकर्ता कृष्णनंदन सिंह ने शनिवार को पीड़िता का मेडिकल जांच और कोर्ट में बयान भी कराया है। सूत्रों के अनुसार पीड़िता से वर्ष 2007 में गांव के ही मो. बाबर अली उससे शादी करना चाहता था। लेकिन वह अपनी माता पिता की मर्जी के बिना शादी नहीं करना चाहती थी। उसने अपने माता-पिता से बाचीत करने के लिए उसे घर पर आने के कहा था। एक दिन जब वह उसके घर पर आया तो उसके माता-पिता घर पर नहीं थे। इसकी का फायदा उठा कर बाबर उसके साथ दुष्कर्म किया।

घटना के बाद आरोपी शादी का प्रलोभन देने लगा। घटना के तीन माह बाद वह गर्भवती हो गई लेकिन आरोपी शादी करने की बात पर केवल आश्वासन ही देता रहा है। मामले में पंचायत भी हुआ लेकिन पंचायत का फैसला आरोपी व उसके परिजन मानने से इंकार करने लगे। इसके बाद उसने आजमनगर थाना केस दर्ज करवाने गई थी लेकिन पुलिस ने मामला पुराना होने की बात कहकर केस दर्ज करने से इंकार कर दिया। इसके बाद वह कोर्ट में आरोपी के खिलाफ परिवाद पत्र दायर करवाई थी। कोर्ट के आदेश पर 5 मई 2016 को केस थाना में कांड संख्या 140/16 दर्ज किया गया।

एसडीपीओ ने कांड का सुपरिजन करते हुए आरोपी को गिरफ्तार करने का आदेश भी दिया लेकिन आरोपी के खिलाफ तत्कालीन पुलिस पदाधिकारी ने कोई कार्रवाई नहीं की। कांड का नये अनुसंधानकर्ता कृष्णनंदन सिंह को बनाया गया। अनुसंधानकर्ता ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता का कोर्ट में 164 को बयान करवाए तथा सदर अस्पताल में मेडिकल जांच भी करवाने पहुंचे।

सभार: हिन्दुस्तान