उपेन्द्र कुशवाहा ने अपने खीर वाले बयान पर कहा, हमने राजद से न दूध मांगा है और ना ही भाजपा से चीनी मांगी है

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पटना – एनडीए के घटक दल राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के नेता और केन्द्रीय मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा ने अपने दिए हुए खीर वाले बयान पर कहा कि हमने राजद से न दूध मांगा है और ना ही भाजपा से चीनी मांगी है। हमने समाज से कहा है, इसमें राजद कहां है। किसी जात को किसी दल विशेष से जोड़कर क्यों देखते हैं। हमने किसी समाज या दल के बारे में बात नहीं की है। जिस रूप में व्याख्या की जा रही है। मेरे बात का इसी रूप में अर्थ निकाला जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि चीजों की व्याख्या सही तरीके से की जानी चाहिए। खीर बनाने में यदुवंशियों का दूध कुशवंसियों का चावल व अतिपिछड़ों से पंचमेवा ब्रह्मार्षियों से चीनी दलित समाज के घर से तुलसी का पत्ता और अल्पसंख्यक के घर का दस्तरखान जिसपर समाज के सभी वर्ग के लोग खीर बनाकर बैठकर आराम से खायें। सबको बराबर हिस्सा मिले। यही समाजिक न्याय है। ऐसा वातावरण होगा तभी देश बनेगा, राज्य बनेगा, समाज बनेगा।

उन्होंने कहा हम कुछ लोगों की तरह नहीं हैं कि लालू यादव की छाया को लतियाओ और समाज में नफरत फैलाओ। समाज में नफरत फैलाने में हम विश्वास नहीं रखते हैं। हम चाहते हैं सबलोग हमारे साथ आये। रालोसपा मजबूत होगी तो एनडीए मजबूत होगा तो नरेन्द्र मोदी दोबारा प्रधानमंत्री बनेंगे। हम चाहते हैं समाज के सभी लोगों का समर्थन मिले तभी नरेन्द्र मोदी जी दोबारा प्रधानमंत्री बनेंगे।

दरअसल पटना में बीपी मंडल के जयंती समारोह में उन्होंने साफ संकेत दिया था कि बिहार में यदुवंशी के संग कुशवंशी की जरूरत है। मतलब उन्होंने समझाया यादव की दूध और कुशवाहा की चावल मिल जाए तो खूब अच्छी खीर बनेगी। खीर में पंचमेवा की जरूरी पड़ती है। दूध और चावल के साथ पंचमेवा के रूप में मिथिला में पंचफोड़न के लिए पिछड़ा, अति पिछड़ा और शोषित पीड़ित के पंचमेवा की भी आवश्यक पड़ता है। खीर बिना चीनी का तैयार नहीं होता चीनी तो बड़े लोगो के घर में होता है चीनी पण्डित के घर से आ जाएगा।

उन्होंने कहा था कि पूरा भोजन तैयार होने के बाद तुलसी जल की जरुत पड़ती है इसके लिए चौधरी जी के घर में तुलसी के पेड़ बहुत है। तुलसी जल उनके घर से आ जाएगा। भोजन पड़ोसन के लिए दस्तरख़ान की जरूरत पड़ती है इसके लिए जुल्फिकार अली के घर से दस्तरखान ले आएंगे और सब मिल कर स्वादिष्ट खाना की स्वाद लेंगे।

उपेन्द्र कुशवाहा के खीर वाले बयान पर राजनीति कयास लगाये जा रहे हैं, राजद नेता भाई बीरेन्द्र ने कहा कि दूध से खीर भी बनता है और पंचमेवा भी बनता है। पंचमेवा का मतलब दलित, महादलित, पिछड़ा, अतिपिछड़ा और अल्पसंख्यक है। कुश से चावल भी बन जायेगा और दूध हमारे पास है। उससे खीर भी बन जाएगा। उन्होंने कहा कि महागठबंधन में शामिल होने वाले हैं उपेन्द्र कुशवाहा जी। वो एनडीए में असहज महसूस कर रहे हैं। नरेन्द्र मोदी और उस कुनबे के लोग द्वारा संविधान से छेड़छाड़ कर रहे हैं। उस छेड़छाड़ को वो बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं।