सीतामढ़ी में 60 वर्षीय महिला को जिंदा दफ़नाने वाला वीडियो निकला गलत

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मैग्निफिसेन्ट न्यूज़ की सबसे बड़ी पड़ताल

सीतामढ़ी के वायरल विडियो पर

— बिहार के सीतामढ़ी में 60 वर्षीय महिला को जिंदा दफ़नाने वाला वीडियो निकला गलत

— वृद्धा के पुत्र और पुत्रवधु ने दूसरों को फंसाने की साजिश रची थी

— वृद्धा को दफ़नाने वाले वीडियो में पुत्र और पुत्रवधु की है तस्वीर

— लकवा से ग्रसित होने के कारण चल नहीं सकती है महिला

आदित्यानंद आर्य की रिपोर्ट

सीतामढ़ी: बिहार के सीतामढ़ी में बीते दिन वृद्ध महिला को जिंदा दफ़नाए जाने वाले वायरल वीडियो मामले में मैग्निफिसेन्ट न्यूज़ के हाथ बड़ा सबूत लगा है। महिला को जिंदा दफ़नाने वाले वायरल वीडियो में पीड़िता के साथ जिन लोगों को देखा जा रहा है वो दरअसल कोई दबंग नहीं बल्कि वृद्धा के पुत्र और पुत्रवधू की है।

इस घटना को वृद्धा के पुत्र और पुत्रवधू द्वारा फंसाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया है। इसका खुलासा तब हुआ जब मैगनिफिसेन्ट न्यूज़ के संवाददाता आदित्य आर्य वायरल वीडियो का रियलिटी टेस्ट करने रीगा थाना के सोनार धोबी टोले गाँव पहुंचे जहां दोनों पक्षों के लोगों से मिलने और स्थानीय थानाध्यक्ष से बात करने के बाद जो सच सामने आया वो बेहद चौंकाने वाला था।

जब मैग्निफिसेन्ट न्यूज़ संवाददाता पीड़ित महिला के घर पहुंचे तो उसके पुत्र और पुत्रवधू को देख सकते में आ गये क्योंकि वायरल वीडियो में जो महिला वृद्ध महिला का बाल पकड़ मिटटी में दबा रही है, वो कोई और नहीं बल्कि उसकी पुत्रवधू उषा है। वहीं एक पुरुष जो कुछ देर के लिए वीडियो में नज़र आ रहा है वो पुत्र नागेश्वर बैठा है जो जख्मी गुलबिया को लेकर सदर अस्पताल में इलाज करवा रहा है। हालांकि जब उससे घटना के बारे में पूछा गया तो उसके द्वारा उक्त घटना को गोविन्द बैठा और जया भारती के द्वारा अंजाम दिए जाने की बात बताई गई है। हालांकि इस बात का जिक्र जिनिस बैठा ने (गुलाबी का पुत्र) अपने बयान में किया है कि उसके परिवार के लोगों द्वारा बहुत सालों से सरकारी जमीन पर कब्ज़ा कर रहा जा रहा है जिसका कोई कागजात उसके परिवार वालों के पास नहीं है।

वहीं इस पूरे मामले में आरोपित बनी जया भारती के घर जब मैग्निफिसेन्ट न्यूज़ की टीम पहुंची तो उसके द्वारा अंचलाधिकारी द्वारा मुहैया कराया गया वासगित पर्चा दिखाया गया जिसमें उक्त सरकारी जमीन को जया भारती ने अंचल कार्यालय से लिया है।
 
इधर मैग्निफिसेन्ट न्यूज़ के पड़ताल की दूसरी कड़ी में टीम वायरल वीडियो के सत्यापन के लिए पुलिस के पास पहुंची जहाँ रीगा थानाध्यक्ष ललन कुमार ने वीडियो का सत्यापन करते हुए बताया कि ये वीडियो रीगा के ही सोनार धोबी टोले गाँव की है लेकिन वीडियो में जिन लोगो द्वारा घटना को अंजाम दिया गया है उसमें पीडिता के फर्द बयान में बताये गए कोई लोग नहीं हैं बल्कि पीड़िता के पुत्र और पुत्रवधू हैं।

वहीं उन्होंने बताया कि उनके छानबीन के दौरान पुलिस के सामने एक बात आई है कि पीड़िता गुलाबी देवी को विगत कई माह से लकवा मारे हुआ है, ऐसे में वे खुद कैसे चल कर उस मिट्टी भराई वाले स्थान पर चली गई। इस सत्यापन के लिए थानाध्यक्ष ने स्वयं मैग्निफिसेन्ट न्यूज़ टीम के साथ घटना स्थल का जायजा भी लिया जिसमें मैग्निफिसेन्ट न्यूज़ की पुष्टि पर एक बार फिर मुहर लग गई कि वायरल वीडियो में जो घटना दिख रही है उसमें पीड़िता के पुत्र और पुत्रवधू शामिल हैं।

मैग्निफिसेन्ट न्यूज़ की पूरी पड़ताल में एक बात तो सामने आ ही गई कि वृद्ध महिला गुलाबी देवी के पुत्र और पुत्रवधू द्वारा सोची-समझी साजिश के तहत जया और उसके पुत्र को फंसाने के लिए ये सब किया गया है जिसमें उनके द्वारा अपनी माँ गुलबिया को मिटटी में दबा मारने का प्रयास किये जाने की झूठी अफवाह फैलाई गई थी।

क्या कहा रीगा थानाध्यक्ष ललन कुमार ने ? यह जमीन का विवाद है। जमीन बिहार सरकार की है। इस जमीन को लेकर दो पक्षों में विवाद है। एक पक्ष है नवल बैठा और गोविंद बैठा। दूसरा है नागेश्वर बैठा, जिनिस बैठा, विनय बैठा। इनमें विवाद चल रहा है। इसमें से नवल बैठा और गोविंद बैठा ने 3.5 डिसमिल जमीन का पर्चा सीओ साहब से कटवा लिया है। उसी जमीन पर मिट्टी भराई का काम चल रहा था, दूसरा पक्ष से विवाद चल रहा था। वीडियो में देखने से स्पष्ट है कि उसमें नवल बैठा और गोविंद बैठा के परिवार या वह लोग कही नहीं हैं। बीमार बूढ़ी गुलबिया देवी जो पैरालाइसिस से ग्रसित है 70 वर्ष की है उसको उसके परिवार के सदस्य नागेश्वर बैठा और जिनिस बैठा ने मिलकर गड्ढा में डाल मिट्टी उसके शरीर पर डाल कर एक वीडियो बना लिया और इल्जाम नवल बैठा और गोविंद बैठा पर लगा दिया। बूढ़ी का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। इलाज के दौरान गुलबिया देवी ने अपना बयान दिया है। थाना प्रभारी ने कहा कि हम गुलबिया देवी के बयान को भी मंगवाते है फिर पूरे मामले की जांच की जाएगी।

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