हम लोगों को लाइन में नहीं लगवाते: मुख्यमंत्री

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पटना: मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को नालंदा जिला के पुलिस लाइन मैदान में आयोजित चेतना सभा को संबोधित करते हुये कहा कि सबसे पहले मैं नालंदा की पवित्र धरती का नमन करता हूं और आप सब जो इतनी बड़ी संख्या में उपस्थित हुये हैं, इसके लिये आपको हृदय से धन्यवाद देते हुये आपका अभिनंदन करता हूं।

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उन्होंने कहा कि मेरी निश्चय यात्रा का मकसद है, देखना कि जमीनी स्तर पर सात निश्चय की योजनाओं सहित अन्य योजनाओं का क्रियान्वयन किस तरह हो रहा है। साथ ही हमने बिहार में एक अभिनव प्रयोग किया है, लेाक शिकायत निवारण कानून का। उन्होंने कहा कि अब लोगों को शिकायत लेकर कहीं और जाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि लोक शिकायत निवारण केन्द्र पर शिकायतों से संबंधित आवेदन दीजिये, उस पर कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि यह देश में अनोखा प्रयोग है। उन्होंने कहा कि दस वर्षों तक जनता के दरबार में मुख्यमंत्री एवं अन्य अधिकारी के कार्यक्रम को देखा है। लोग अपनी शिकायत लेकर आते थे, उनकी शिकायतों को दूर करने का प्रयास किया जाता था, तब हमने एक कदम आगे जाकर उनके शिकायतों के निवारण का कानूनी अधिकार दिया। इस मकसद से लेाक शिकायत निवारण कानून को लागू किया गया। लोक शिकायत निवारण कानून को 5 जून 2016 से लागू किया गया। इसी दिन लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने सम्पूर्ण क्रांति का आह्वान किया था और इसी दिन विश्व पर्यावरण दिवस भी है इसलिये 5 जून को कार्यक्रम के प्रति अपनी निष्ठा एवं प्रतिबद्धता प्रदर्शित करने के लिये इस कानून को इसी दिन लागू किया गया है। हर जिला एवं अनुमण्डल में लोक शिकायत निवारण केन्द्र की स्थापना की गयी। उन्होंने कहा कि अब लोग अपनी शिकायत लोक शिकायत निवारण केन्द्र में देते हैं, उनकी शिकायत पर उन्हें एवं जिस विभाग से शिकायत संबंधित है, के अधिकारी को तिथि निर्धारित कर बुलाया जाता है। हमने निश्चय यात्रा के दौरान दर्जनों लोक शिकायत निवारण कार्यालय का निरीक्षण किया है। लेाक शिकायत निवारण पदाधिकारी के सामने एक तरफ शिकायतकर्ता और दूसरी तरफ संबंधित विभाग के पदाधिकारी बैठते हैं और आमने-सामने समस्या का निदान होता है। एक जगह तो बिजली बिल की शिकायत थी। शिकायतकर्ता का आवेदन था कि मेरा बिजली बिल 24 हजार रूपये आया है जो बहुत ज्यादा है। इस पर वहीं बैठे बिजली विभाग के अभियंता ने कहा कि हमने जांच कर ली है। 24 हजार नहीं 12 हजार रूपये बिजली बिल होना चाहिये। इस पर लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने आवेदनकर्ता से पूछा कि क्या आप संतुष्ट हैं तो इस पर आवेदनकर्ता ने कहा कि हां मैं संतुष्ट हूं और मेरा बिजली बिल 12 हजार रूपये होना चाहिये। दूसरी जगह बिजली बिल से संबंधित एक और शिकायत थी। आवेदनकर्ता का कहना था कि 28 हजार रूपये का बिजली बिल आया है, जो गलत है। इस पर वहां मौजूद विद्युत विभाग के अभियंता ने कहा कि इनकी शिकायत जायज है। 28 हजार नहीं इनका विद्युत विपत्र आठ सौ रूपये का होगा। आप सोच सकते हैं कि किस तरह लोगों की समस्या का समाधान हो रहा है। देखकर काफी प्रसन्नता होती है। उन्होंने कहा कि किशनगंज में एक व्यक्ति ने 1978 में जमीन खरीदा था। 1980 तक उसका रसीद कटता रहा, फिर रसीद कटना बंद हो गया। वह व्यक्ति विभिन्न कार्यालयों का चक्कर लगाता रहा। 36 साल के बाद उसने लोक शिकायत निवारण कार्यालय में शिकायत दर्ज करायी। उसकी शिकायत का निष्पादन आठ दिनों के अंदर हुआ। उसकी समस्या का समाधान करके उसका रसीद भी काट दिया गया। उन्होंने कहा कि किशनगंज में ही एक शिकायत सड़क निर्माण को लेकर थी। लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंता से पूछा कि सड़क निर्माण का कार्य कब से शुरू होगा। अभियंता को बताना पड़ा कि सड़क निर्माण का कार्य मार्च महीने से शुरू कर दिया जायेगा।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक शिकायत निवारण कानून के तहत आज तक 1,03,304 ओवदन प्राप्त हुये हैं। साठ दिनों में मामले के निष्पादन का प्रावधान है। निष्पादन नहीं होने पर अपील का प्रावधान है। आपको बताते हुये खुशी हो रही है कि इसमें 80,875 आवेदन पत्रों का निष्पादन साठ दिनों के अंदर हो गया। यह जबर्दस्त कानून बना है। अब समस्याओं के समाधान के लिये कहीं भटकने की जरूरत नहीं है। इसी को सुशासन कहते हैं। लेागों की शिकायतों का निष्पादन होगा तो लेाकतंत्र की जड़ें और मजबूत होंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने हर क्षेत्र में काम करने की कोशिश की है। चाहे वह बुनियादी ढांचा हो या स्कूल, अस्पताल की स्थिति में सुधार। उन्होंने कहा कि 26-27 हजार स्कूल खोले गये और दो लाख से ऊपर कमरों का निर्माण हुआ। इसका परिणाम यह हुआ कि साढ़े बारह प्रतिशत बच्चे जो स्कूल के बाहर रह जाते थे, अब आज की स्थिति में केवल एक प्रतिशत से भी कम बच्चे स्कूल से बाहर हैं। उन्होंने कहा कि लड़कियों की शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने कहा कि मध्य विद्यालय में लड़कियों के लिये पोशाक येाजना की शुरूआत की गयी। उच्च विद्यालय में लड़कियों के लिये साइकिल योजना की शुरूआत हुयी। पहले पटना और बिहारशरीफ में लड़कियां साइकिल चलाते हुये नहीं देखी जाती थी। अब गांव-गांव में लड़कियां साइकिल चलाते हुये स्कूल जाते दिखाई देती है। माहौल बदल गया, लोगों का सोच और विचार बदल गया, कितना बड़ा परिवर्तन आया है। जब हमने कार्यक्रम की शुरूआत की थी तो 9वीं कक्षा में लड़कियों की कुल संख्या एक लाख 70 हजार थी जो बढ़कर 8 लाख 15 हजार हो गयी है। यह सारा काम हुआ है लड़कियों को आगे बढ़ाने, महिलाओं को आगे बढ़ाने में। बिहार पहला राज्य है, जहां पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों में महिलाओं को पचास प्रतिशत आरक्षण दिया गया। उन्होंने कहा कि इसके बाद तीन बार पंचायत चुनाव हुये। दो बार नगर निकाय चुनाव हो चुके हैं। पचास प्रतिशत से अधिक महिलायें जीतकर आयी हैं। निश्चय यात्रा के भ्रमण के दौरान बहुत जगह देखता हूं कि वार्ड पार्षद, मुखिया, पंचायत समिति, प्रमुख, जिला पार्षद सभी महिला हैं, देखकर काफी खुशी होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सात निश्चय कार्यक्रम के कार्यान्वयन को देख रहे हैं। सात निश्चय योजना के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि सात निश्चय को महागठबंधन के साझा कार्यक्रम में शामिल किया गया। सरकार बनने के बाद सात निश्चय के कार्यक्रमों को लागू करने के लिये येाजनायें बनायी गयी। सात निश्चय को सरकारी कार्यक्रम के रूप में स्वीकार किया गया। सात निश्चय योजना को किस प्रकार लागू करना है, इस संदर्भ में विभिन्न पहलुओं पर गहन चिन्तन कर विभिन्न योजनाओं का सूत्रण किया गया। उन्होंने कहा कि सात निश्चय योजना पर अमल शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि सात निश्चय कार्यक्रम अन्तर्गत युवाओं के लिये कार्यक्रम बनायी गयी है। कोई भी इच्छुक छात्र-छात्रा 12वीं के आगे पढ़ना चाहता है तो उसे चार लाख रूपये तक की सीमा का स्टुडेंट क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराया जायेगा ताकि वो आगे की पढ़ाई अपने माँ बाप पर बोझ बने बिना कर सके। उन्होंने कहा कि 12वीं से आगे मात्र तेरह प्रतिशत छात्र ही पढ़ाई कर पाते हैं, इसको बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि स्टुडेंट क्रेडिट कार्ड के लिये जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र पर आवेदन दीजिये और स्टुडेंट क्रेडिट कार्ड पाइये। उन्होंने कहा कि जो पढ़ेगा, वही आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 20 से 25 साल के ऐसे युवा जो आगे पढ़ना नहीं चाहते हैं तथा रोजगार तलाशना चाहते हैं तो ऐसे युवा को स्वयं सहायता भत्ता के रूप में एक हजार रूपये प्रतिमाह दो साल तक सरकार की तरफ से दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि युवाओं के क्षमतावर्द्धन के लिये कुशल युवा कार्यक्रम बनाया गया है। आज के युग में कम्प्यूटर पर काम करना नहीं आयेगा तो रोजगार में अवसर नहीं बढ़ेंगे। इसके अलावा अच्छा व्यवहार एवं संवाद की भी जरूरत है। उन्होंने कहा कि एक निश्चय महिलाओं को सभी सरकारी सेवा में 35 प्रतिशत आरक्षण देने का था। 20 जनवरी 2016 से इसको लागू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सरकारी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में मुफ्त वाई-फाई की सुविधा दी जायेगी ताकि जो भी हमारे युवा रूचि रखते हैं, ज्ञान प्राप्त करने में, इंटरनेट के जरिये ऐसा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस सुविधा का सदुपयोग कीजियेगा। इंटरनेट का उपयोग ज्ञान की बातें डाउनलोड करने में कीजियेगा। उन्होंने कहा कि इसके अलावा बिहार में विभिन्न संस्थानों की भी स्थापना की जा रही है। जिला में इंजीनियरिंग काॅलेज, पाॅलिटेक्निक काॅलेज, जी0एन0एम0 काॅलेज, सभी अनुमण्डलों में आई0टी0आई0 एवं ए0एन0एम0 स्कूल, हर जिला में महिलाओं के लिये आई0टी0आई0, पांच नये मेडिकल काॅलेज, हर मेडिकल काॅलेज में नर्सिंग काॅलेज खोले जायेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने लगातार मेहनत करके एक-एक निश्चय की येाजना को लागू किया। हम वादा करने में विश्वास नहीं करते। कुछ लोगों की आदत होती है, जिसे बाद में जुमला कहकर पिंड छुड़ा लिया जाता है। हम एक बार जो बोल देते हैं तो फिर पीछे नहीं हटते। सात निश्चय योजना सभी के लिये है। गांव, शहर, अमीर, गरीब, अगड़े, पिछड़े, दलित, महादलित, हिन्दू, मुसलमान, सिख, इसाई सभी के लिये ये सारी योजनायें हैं। सात निश्चय की येाजनायें सार्वभौमिक है, यूनिवर्सल है। उन्होंने कहा कि हर जिला में जिला निबंधन सह परामर्ष केन्द्र की स्थापना की गयी है। बिहारशरीफ में भी बना है। अब किसी को लाइन लगने की जरूरत नहीं है। आवेदन आॅनलाइन दीजिये, टोकन मिलने पर टोकन का नंबर काउंटर पर दिखाई देता है। अपना कागज दिखाइये। हमारे यहां ए0टी0एम0 के बाहर जो लाइन लगता है, वैसा लाइन नहीं लगता। पहले सोचकर ही हम काम करते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि आप इसका लाभ उठायें। उन्होंने कहा कि जो युवा अपने बलबूते पर उद्योग लगाना चाहते हैं, ऐसे उद्यमशील युवाओं के लिये पांच सौ करोड़ रूपये का कैपिटल वेंचर फंड बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सात निश्चय में एक निष्चय हर घर नल का जल है। अगले चार वर्षों में बिहार के हर घर में नल का जल पहुंचा देंगे। इस योजना को विकेन्द्रीकृत तरीके से लागू किया जा रहा है। इसके अलावा हर घर में शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है, लोग इससे खुले में शौच से मुक्त होंगे। उन्होंने कहा कि अगर पीने के लिये शुद्ध पानी उपलब्ध हो तथा खुले में शौचमुक्त हो तो नब्बे प्रतिषत बीमारियां स्वतः दूर हो जायेगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा हर गांव के गली का पक्कीकरण और नाली का निर्माण कराया जायेगा। हर घर बिजली का कनेक्शन दिया जायेगा। अगले साल के अंत तक हर गांव, हर घर में बिजली का कनेक्शन पहुंच जायेगा। उन्होंने कहा कि अब बिजली उपलब है तो इसका सदुपयोग कीजिये। इसका फायदा उठाइये, जरूरत के हिसाब से बिजली का उपयोग करिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार कहती है कि हम स्मार्ट सिटी बनायेंगे। वो तो शहर को स्मार्ट बनायेंगे, हम सात निश्चय की योजनाओं के जरिये हर गांव को स्मार्ट बनाना चाहते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मैंने भूई पंचायत में कचरा प्रबंधन का कार्य देखा है, इसके लिये जिलाधिकारी नालंदा एवं अन्य संबंधित अधिकारी धन्यवाद के पात्र हैं। घर से कचरा इकट्ठा कर अद्भूत कार्य किया गया है। यह कचरा प्रबंधन इकाई जरूर उपयोगी होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में बड़ा सामाजिक परिवर्तन का कार्य किया गया है। पिछले साल महिलाओं का सम्मेलन पटना में था, जहां मैं अपना भाषण समाप्त कर बैठा ही था कि पीछे से महिलाओं ने आवाज दी कि शराबबंदी लागू कीजिये। मैंने पुनः माइक पर आकर कहा कि अगली बार सत्ता में आउंगा तो शराबबंदी लागू करूंगा। आपने दुबारा काम करने का मौका दिया। 20 नवम्बर को सरकार ने शपथ लिया। 26 नवम्बर को मद्य निषेध दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में यह एलान किया कि 1 अप्रैल 2016 से शराबबंदी लागू की जायेगी। 1 अप्रैल 2016 से ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्ण शराबबंदी लागू की गयी। शहरों में शराब की दुकानें खोलने पर लोगों द्वारा विरोध किया गया। माहौल ऐसा बना कि 5 अप्रैल 2016 से पूरे बिहार में शराबबंदी लागू की गयी। उन्होंने कहा कि शराबबंदी लागू होने से माहौल में कितना परिवर्तन आया है। पहले जो परिवार शराब पीने के कारण तबाह एवं पीड़ित हो रहा था। आज उस परिवार की खुशियां लौट आयी हैं। आज शांति का माहौल है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी का कितना फायदा हुआ है। पूरे बिहार में अपराध घट गया है। अप्रैल 2015 से नवम्बर 2015 की तुलना में शराबबंदी लागू होने के पश्चात अप्रैल 2016 से नवम्बर 2016 तक के आंकड़ों को देखें तो हत्या में 24 प्रतिशत, डकैती में 26 प्रतिशत, लूट में 16 प्रतिशत, फिरौती एवं अपहरण में 48 प्रतिशत, दंगा में 37 प्रतिशत, सड़क दुर्घटना में 19 प्रतिशत की कमी आयी है। सड़क दुर्घटना से होने वाली मृत्यु में 21 प्रतिशत की कमी आयी है। उन्होंने कहा कि हमारे शराबबंदी के फैसले का लोगों ने स्वागत किया। चंद लोग इसका विरोध करते थे, वो इसे अपने अधिकार से जोड़कर देखते थे। संविधान के अनुसार शराब पीना या शराब का व्यापार करना मौलिक अधिकार नहीं है। सुप्रीम कोर्ट का भी फैसला आया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि देश के जितने एन0एच0 एवं राज्यों के एस0एच0 हैं, उस पर शराब की कोई भी दुकान सड़क के पांच सौ मीटर तक नहीं खुलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी से कितना बड़ा परिवर्तन हो रहा है। उन्होंने कहा कि शराब से सरकार को राजस्व आता था, पर यह अनैतिक व्यापार है। सरकार के खजाने में अगर पांच हजार करोड़ रूपये आता था तो लोगों के जेब से दस हजार करोड़ रूपये बर्बाद होता था। अब वह बच गया है, लोग अपने पैसे को सही जगह खर्च कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों के पैसे की बचत होने से दूध की बिक्री 11 प्रतिशत बढ़ गयी है। मिठाई, पेड़ा, गुलाब जामुन की बिक्री बढ़ गयी है। अब लोग अच्छे चीजों को खाने लगे हैं। सिले-सिलाये कपड़े की बिक्री 44 प्रतिशत बढ़ गयी है। सिलाई मशीन की बिक्री 19 प्रतिशत बढ़ गयी है। प्लास्टिक के सामान की बिक्री बढ़ गयी है। आज समाज में शांति और परिवार की स्थिति में सुधार आया है। उन्होंने कहा कि बिना जन चेतना एवं जन समर्थन के इतना बड़ा अभियान सफल नहीं होगा। आप भी नजर रखिये। उन्होंने कहा कि जो लोग नशा करते हैं, उन्हें भी सब मिलकर समझाइये। अगर फिर भी उनका नशा का लत नहीं छूटता है तो उसे नशामुक्ति केन्द्र में भर्ती करा दीजिये। आप सभी नजर रखिये, गड़बड़ी लगे तो पुलिस को खबर कीजिये। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के लिये अभियान चलते रहना चाहिये। फिर दो महीने का अभियान चलाया जायेगा। शराबबंदी और नशामुक्ति के लिये 21 जनवरी से अभियान की शुरूआत की जायेगी। 21 जनवरी को मानव श्रृंखला बनाया जायेगा। बिहार के एक कोने से दूसरे कोने तक, जिलों के अंदर भी मानव श्रृंखला बनाया जायेगा। हजारों किलोमीटर लंबा मानव श्रृंखला बनाया जायेगा। इसमें लगभग दो करोड़ लोग शामिल होंगे। इस मानव श्रृंखला की तस्वीर उपग्रह के माध्यम से ली जायेगी। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया उस दिन इसे देखेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि जब कोई बड़ा काम होता है तो पहले लोग इसका मजाक उड़ाते हैं, फिर उसका विरोध करते हैं और फिर साथ चल देते हैं। मजाक और विरोध करने का दौर खत्म हो गया। 21 जनवरी को सब इस मुहिम के साथ जुड़ जायेंगे। उन्होंने कहा कि इससे शराबबंदी का संदेश सभी जगह पहुंचेगा। पूरे देश में शराबबंदी का माहौल बनेगा। उन्होंने कहा कि शराबबंदी से बिहार में परिवर्तन आया है। हमें इस परिवर्तन को बनाये रखना है। उन्होंने कहा कि समाज में प्रेम, भाईचारा एवं सद्भाव का वातावरण बना रहेगा तो बिहार को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य में आपसी प्रेम एवं सद्भाव बनाये रखिये। बिहार का इतिहास गौरवषाली रहा है। यदि प्रेम और सद्भाव का माहौल बना रहा तो बिहार को नई ऊंचाइयों तक जाने से कोई नहीं रोक सकेगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लोगों को नये साल एवं मकर संक्रांति की शुभकामनायें दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को जिलाधिकारी नालंदा ने प्रतीक चिह्न भेंट किया।

इसके पूर्व शराबबंदी पर आधारित अभियान गीत प्रस्तुत किया गया और मुख्यमंत्री को कार्यकर्ताओं ने फुलों का बड़ा पहनाकर मंच पर उनका स्वागत किया।
चेतना सभा को जल संसाधन, योजना एवं विकास मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, ग्रामीण विकास एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री श्रवण कुमार, ग्रामीण कार्य मंत्री सह नालंदा जिला के प्रभारी मंत्री श्री शैलेश कुमार, मुख्य सचिव श्री अंजनी कुमार, पुलिस महानिदेशक श्री पी0के0 ठाकुर ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर सांसद श्री कौशलेन्द्र कुमार, विधायक श्री हरि नारायण सिंह, विधायक श्री जीतेन्द्र कुमार, विधायक श्री चन्द्रसेन प्रसाद, विधायक श्री अतरी मुनी उर्फ शक्ति सिंह यादव, विधायक श्री रवि ज्योति कुमार, विधान पार्षद श्री हीरा प्रसाद बिन्द, विधान पार्षद श्रीमती रीना देवी, अध्यक्षा जिला परिषद श्रीमती तनूजा कुमारी, जदयू जिलाध्यक्ष श्री बनारस प्रसाद, राजद जिलाध्यक्ष श्री हुमायुॅ अख्तर तारीख, काॅग्रेस जिलाध्यक्ष श्री दिलीप कुमार, कई भूतपूर्व विधायक, विधान पार्षद, सम्मानित नेतागण, पंचायत स्तरीय जन प्रतिनिधिगण, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मनीष कुमार वर्मा, पटना के जोनल आई0जी0 श्री नैयर हसनैन खान, विषेष शाखा के आई0जी0 श्री बच्चू सिंह मीणा, जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी श्री बालामुरूगन डी0, जिलाधिकारी नालंदा श्री त्यागराजन एस0एम0, पुलिस अधीक्षक नालंदा श्री कुमार आशीष सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति, बड़ी संख्या में जीविका की दीदीयां एवं राजनीतिक तथा सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने चेतना सभा की समाप्ति के पश्चात पुलिस लाइन मैदान में स्थापित शहीद स्मारक में पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को नमन किया।