कब लिया मैंने यू-टर्न – नीतीश

588
0
SHARE

पटना समाचार : (Patna News) नोटबंदी पर नीतीश कुमार ने पहले जोरदार समर्थन किया, फिर लम्बे अंतराल के बाद 24 जनवरी को केंद्र सरकार से कितना काला धन आया ये बताने और असंगठित क्षेत्र से जुड़े लोगों की परेशानी को देखते हुए उनकी मदद के लिए कुछ पहल करने की बात कही।

Read More Patna News in Hindi

इन बातों को रखने में भी नीतीश ने शब्दों के चयन में काफी सावधानी रखी और कड़े शब्दों में कुछ नहीं कहा था। दो दिन पहले दिल्ली में कांग्रेस नेता चिदंबरम के एक कार्यक्रम में उन्होंने नोटबंदी को लेकर अपनी राय रखी तो अखबारों में खबर छपी कि नीतीश ने नोटबंदी पर लिया यू टर्न। आज जब नीतीश कुमार से यू टर्न पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने जो कहा उससे ये दिखा कि नीतीश नोटबंदी पर यूटर्न की बात से इनकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा मेरे दिल्ली में कहे गये एक-एक शब्द को ध्यान से सुनिए।

24 जनवरी और 2 फरवरी को भी मैंने क्या कहा था। यानि नीतीश नोटबंदी पर अभी भी किसी यू टर्न की बात से जुड़ना नहीं चाहते और नोटबंदी का खुलकर विरोध करने वालों के पक्ष में खड़ा दिखना नहीं चाहते।

यूपी में बीजेपी को रोकने के लिए क्या आप भी प्रतिबद्ध है ? इस सवाल के जवाब में भी नीतीश की बीजेपी विरोधी खेमे से दूरी साफ दिखाई दी। सवाल सुनते ही नीतीश कुछ सेकेण्ड तक सोच ही नहीं सके कि क्या कहना चाहिए। आमतौर पर नीतीश सवालों के जवाब में इतना वक्त नहीं लेते हैं। फिर जो उन्होंने जवाब दिया वो भी सवाल टालने वाला था – यूपी का सवाल है तो यूपी में न पूछें। यहाँ चुनाव है ? नीतीश यूपी में सपा और कांग्रेस की तरफ से गठबंधन के लिए नहीं पूछे जाने से नाराज हैं। नोटबंदी पर ममता की तरफ से गद्दार कहे जाने पर भी नीतीश की मोदी विरोधी खेमे से दूरी और बढ़ी। हाल के दिनों में नीतीश के कई बयानों से भी मोदी विरोधी पार्टियों से उनकी दूरी साफ़ दिखी है। नोटबंदी पर भी नीतीश बहुत तल्ख़ होकर अभी तक नहीं कुछ कह रहे। यही कारण है कि बीजेपी के करीब जाने को लेकर चर्चाएँ भी हाल के दिनों में हुई।

नीतीश कुमार के लोक संवाद के कार्यक्रम में आम जनता से लिए जाने वाले सुझावों में एक सुझाव ये आया कि IAS और IPS अधिकारियों के शराब पीने से सम्बंधित दो तरह के टेस्ट करवाने चाहिए जिससे ये पता चलेगा कि उन्होंने 90 दिन पहले तक भी शराब पी है या नहीं? सुझाव देने वाले ने कहा कि हेयर टेस्ट से 90 दिन पहले भी यदि किसी दूसरे राज्य में जाकर किसी ने शराब पी हो तो पता चल जाएगा। इससे ये सन्देश जाएगा कि इन्हें किसी तरह की छूट नहीं मिली हुई है। इन अधिकारियों ने शपथ पत्र भी दिया है शराब नहीं पीने का इसलिए इनके लिए ये टेस्ट और जरुरी है।

सीएम के सामने खरी-खरी

एक युवा ने सीएम के सामने कहा कि आप बाहर निकलते हैं तो आपके लिए ट्रैफिक 30 मिनट तक रोक दिया जाता है जबकि हमलोग कभी जाम में फंसने के दौरान ट्रैफिक पुलिस को फोन भी करते हैं तो कोई रेस्पोंस नहीं आता है। सीएम ने कहा कि 30 मिनट तो PM और राष्ट्रपति के लिए भी नहीं रोका जाता। मैंने तो सायरन बजाने से भी मना किया हुआ है। युवक ने कहा कि 30 मिनट स्लिप ऑफ़ टंग है तो सीएम ने कहा कि ये स्लिप ऑफ आईडिया है। पहले जानकारी ले लेनी चाहिए तब कुछ कहना चाहिए। एक वरिष्ठ IAS अधिकारी ने फिर हाल का एक उदहारण दिया कि 10 मिनट से ज्यादा पहले ट्रैफिक नहीं रोका जाता। युवा ने ये भी कहा कि फाइन के तौर पर ट्रैफिक वाले जो पैसा लेते हैं उसकी रसीद भी नहीं दी जाती है। इस पर सीएम ने एसएसपी को बुलाया और उनसे पूछा कि क्या रसीद नहीं दी जाती ? एसएसपी ने कहा कि रसीद दी जाती है।

कई सुझाव ऐसे भी आए जिसकी सीएम ने काफी तारीफ की और कहा कि ये तो काफी अच्छा आईडिया है।