Home Bihar Government जातीय जनगणना के खिलाफ बीजेपी का नया फॉर्मूला : गरीबी के आधार...

जातीय जनगणना के खिलाफ बीजेपी का नया फॉर्मूला : गरीबी के आधार पर हो जनगणना

78
0

पटना डेस्क। जेडीयू, आरजेडी व अन्य दलों की जातीय जनगणना की मांग के खिलाफ बीजेपी ने नया “गरीबी जनगणना” का फॉर्मूला पेश कर दिया है। इसके तहत जाति के बदले गरीबी के आधार पर जनगणना की बात कही गई है। शुक्रवार की दोपहर एक तरफ जातीय जनगणना को लेकर मुख्यमंत्री के साथ आरजेडी, कांग्रेस व अन्य नेताओं की बैठक हो रही थी तो दूसरी ओर रिक्शे पर सवार होकर विधान मंडल परिसर पहुंचे बीजेपी के एमएलसी संजय पासवान ने गरीबी जनगणना की बात उठाई। स्पष्ट कहा कि देश में जातीय आधार पर जनगणना नहीं बल्कि गरीबों की गणना होनी चाहिए।

देश में सबसे अधिक गरीबों की संख्या

एमएलसी संजय पासवान ने कहा कि देश में कितने गरीब हैं। इसकी संख्या किसी को मालूम नहीं है। ऐसे हालात में कुछ लोग जातीय जनगणना कराने के बाद समाज को बांटना चाहते हैं। उन्हें समझ लेना चाहिए कि देश में गरीबों की तादाद सबसे ज्यादा है। इसलिए गरीबों की गणना होनी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष द्वारा राज्य सरकार से अपने खर्च पर जातीय जनगणना कराने की मांग पर तंज कसते हुए संजय पासवान ने कहा कि तेजस्वी यादव के पास बहुत फंड है। वह खुद जातीय जनगणना करा लें। आरक्षण में कोई नहीं छूटा हुआ है। सवर्ण से लेकर आदिवासी तक सबको आरक्षण मिला है। इसलिए जाति की जगह गरीबी के आधार पर जनगणना की बात होनी चाहिए।

तय होनी चाहिए गरीबी की परिभाषा

विधान मंडल के बाहरी परिसर में मीडिया से मुखातिब बीजेपी नेता संजय पासवान ने कहा कि इस देश में गरीबी की परिभाषा तय होना चाहिए। यहां तो गरीबी को लेकर दर्जनों परिभाषा है।  नीति आयोग कुछ और कहता है, जबकि प्लानिंग कमीशन कुछ और कहता है। इसलिए गरीब कौन है, यह तय होना जरुरी है।

Share
Previous articleसांसद ललन सिंह बने जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में हुआ निर्णय
Next articleछठ नहाय-खाय के कुछ पारंपरिक गीत

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here