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बाढ़ से निपटने के लिए विभाग पूरी तरह तैयार, स्थिति पर लगातार रख रही निगरानी

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PATNA: सूबे में कोरोना संक्रमण से उत्पन्न स्थिति की रोकथाम और विभिन्न नदियों के बढ़े जलस्तर को लेकर सरकार की ओर से किए जा रहे कामों के संबंध में सचिव, सूचना और जन सम्पर्क अनुपम कुमार, सचिव स्वास्थ्य लोकेश कुमार सिंह, अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस मुख्यालय जितेंद्र कुमार, सचिव, जल संसाधन संजीव हंस और अपर सचिव, आपदा प्रबंधन ने रामचंद्र नायडू ने मंगलवार को विस्तृत जानकारी दी.

जल संसाधन विभाग के सचिव संजीव हंस ने राज्य के विभिन्न नदियों के जलस्तर और बाढ़ सुरक्षात्मक तटबंधों की स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्र के 22 स्टेशनों का विश्लेषण किया गया है, जिसके अनुसार गंडक का डिस्चार्ज इस सीजन का सबसे ज्यादा आज सुबह 10 बजे 4,36,500 क्यूसेक था. इसके बाद इसमे गिरावट दर्ज की गई है और अभी डिस्चार्ज लगभग 4,16,000 क्यूसेक पर स्थिर है. इसको लेकर बेतिया, मोतिहारी, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, छपरा और वैशाली के जिला प्रशासन को अलर्ट किया गया है.

मंगलवार शाम 6 बजे से गंडक नदी का जलस्तर फिर से बढ़ने की संभावना है. गंडक नदी का जलस्तर 5,00,000 क्यूसेक तक जाने की संभावना है. इसको लेकर सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है. बूढ़ी गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्र में भी काफी बारिश हुई है. बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है. इसके अलावा बागमती और अधवारा समूह की नदियों में भी पिछले 24 घंटे में काफी अधिक बारिश हुई है. 10 स्टेशनों में से 4 स्टेशन पर लगातार दूसरे दिन अधिक बारिश हुई है.

इसको लेकर सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और खगड़िया जिले को अलर्ट किया गया है. कमला बलान नदी के क्षेत्र में भी पिछले 24 घंटे में काफी बारिश हुई है. कोसी नदी के क्षेत्र में भी पिछले 24 घंटे में फिर से बारिश हुई है. उन्होंने बताया कि अगले 24 घंटे में बिहार के कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है. उन्होंने बताया कि राज्य में विभिन्न नदियों पर अवस्थित तटबंध सुरक्षित हैं, लगातार निगरानी और चैकसी बरती जा रही है.

आपदा प्रबंधन विभाग के अपर सचिव रामचंद्र डू ने बताया कि बिहार की विभिन्न नदियों के बढ़े जलस्तर को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह से सतर्क है. गंडक नदी के जल ग्रहण क्षेत्र में अधिक वर्षा हुई है जिसे ध्यान में रखते हुए पश्चिम चम्पारण, पूर्वी चम्पारण, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सारण को अलर्ट कराया गया है. बेतिया, गोपालगंज, छपरा, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी में पहले से ही एक-एक एनडीआरएफ की टीम प्रतिनियुक्त है. इसके अलावा मुजफ्फरपुर और वैशाली में एक-एक एसडीआरएफ टीम की तैनाती की गयी है. गोपालगंज में एनडीआरएफ की दो टीम, छपरा, बेतिया और मोतिहारी में एक-एक टीम की तैनाती की गयी है.

एसडीआरएफ की एक अतिरिक्त टीम भी मोतिहारी में लगायी गयी है. पूर्वी चम्पारण और पश्चिमी चंपारण में लोगों को निष्क्रमित करने की भी कार्रवाई की जा रही है. नदियों के बढ़े जलस्तर से बिहार के 8 जिले सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, एवं पूर्वी चम्पारण के कुल 34 प्रखंडों की 190 पंचायतें प्रभावित हुई हैं, जहां आवश्यकतानुसार राहत शिविर चलाए जा रहे हैं. सुपौल में 02 और गोपालगंज में 03 राहत शिविर चलाए जा रहे हैं, जहाॅ कुल 1,075 लोग आवासित हैं.

उन्होंने बताया कि गोपालगंज में 09, सुपौल में 02, पूर्वी चंपारण में 12 और दरभंगा में 23 कम्युनिटी किचेन चलाए जा रहे हैं. इस प्रकार कुल 46 कम्युनिटी किचेन चलाए जा रहे हैं, जिनमें प्रतिदिन 36,293 लोग भोजन कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि आपदा प्रबंधन विभाग सम्पूर्ण स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है.

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